Digital Labour Chowk App: अब घर बैठे मिलेंगे मजदूर, श्रम विभाग ने शुरू की नई व्यवस्था

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Digital Labour Chowk App: अगर आप अपने घर या दुकान का निर्माण कार्य कराने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। अब आपको राजमिस्त्री या मजदूरों की तलाश में सुबह-सुबह किसी चौराहे या मजदूर अड्डे के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। श्रम विभाग (Labour Department) की ओर से आम जनता और कामगारों की सहूलियत के लिए डिजिटल लेबर चौक एप (Digital Labour Chowk App) की शुरुआत की गई है। इस नए सिस्टम के तहत बरेली समेत पूरे मंडल में लोगों और श्रमिकों का तेजी से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है, ताकि दोनों पक्षों को एक ही जगह पर जोड़ा जा सके।

चौराहों पर लगने वाली भीड़ से मिलेगी मुक्ति

बरेली शहर में अक्सर देखा जाता है कि बीसलपुर चौराहा, डेलापीर और संजयनगर जैसे इलाकों में सुबह के वक्त भारी संख्या में मजदूर काम की तलाश में इकट्ठा होते हैं। मकान बनवाने वाले लोग या ठेकेदार अपनी जरूरत के हिसाब से वहां जाकर मजदूरों की तलाश करते हैं। इस पुरानी व्यवस्था में कई बार बहुत वक्त बर्बाद होता है और जरूरत के समय सही कारीगर नहीं मिल पाते। वहीं दूसरी तरफ, कई बार बहुत से मजदूरों को दिनभर इंतजार करने के बाद भी खाली हाथ घर लौटना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए ही यह ऑनलाइन विकल्प तैयार किया गया है।

सुरक्षा और पहचान होगी और भी पक्की

इस मोबाइल एप्लीकेशन (mobile application) को इस्तेमाल करना काफी आसान है। एप को डाउनलोड करने के बाद यूजर को दो विकल्प मिलते हैं- ‘आई एम ए वर्कर’ (मजदूरों के लिए) या ‘आई एम एन एंप्लॉयर’ (काम देने वालों के लिए)। निर्माण कार्य के लिए मजदूर खोजने वाले किसी भी व्यक्ति या ठेकेदार को अपना नाम और पता दर्ज करना होगा। सुरक्षा के लिहाज से इस एप पर मजदूरों का रजिस्ट्रेशन उनके पहचान पत्र के सत्यापन के साथ किया जाएगा। सरकारी पहचान पत्र से सही वेरिफिकेशन होने की वजह से सुरक्षा का खतरा बेहद कम हो जाता है और लोग बिना किसी डर के कामगारों को अपने घर बुला सकते हैं।

कामगारों को मिल रहा सरकारी योजनाओं का फायदा

श्रम विभाग (Labour Department) के आंकड़ों के मुताबिक बरेली मंडल में करीब 13.71 लाख से ज्यादा श्रमिक पहले से ही पंजीकृत हैं, जिनमें सबसे अधिक बरेली जिले में हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में हजारों श्रमिकों को करोड़ों रुपये की सरकारी सहायता राशि का लाभ सीधे उनके खातों में भेजा गया है। बरेली के उप श्रम आयुक्त अनुराग मिश्रा का कहना है कि इस डिजिटल लेबर चौक एप के जरिए अब लोगों को मजदूरों की खोज में भटकना नहीं होगा और श्रमिकों को भी नियमित रूप से रोजगार के बेहतर अवसर घर बैठे ही मिल सकेंगे।

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