बिहार में नीतीश कुमार के 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। इस खास मौके पर, पटना के गांधी मैदान में आयोजित होने वाले इस समारोह में देशभर के कई गणमान्य लोग और नेता शामिल होंगे, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। जब इतने बड़े राजनीतिक मेहमान इस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं, तो बिहार सरकार ने उनके स्वागत के लिए खास खाने का इंतजाम भी किया है।
बिहार और पंजाब की शाही थाली
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह में आने वाले मेहमानों के लिए खास शाकाहारी भोजन का प्रबंध किया गया है। बिहार के पारंपरिक व्यंजन जैसे लिट्टी-चोखा, मखाने की खीर, और अन्य खास पकवान परोसे जाएंगे। इसके अलावा, पंजाब की प्रसिद्ध मक्के की रोटी और सरसों का साग, सिलाव का खाजा, और गया का अनरसा भी मेहमानों को स्वादिष्टता का अनुभव कराएंगे। इन व्यंजनों का उद्देश्य बिहार और अन्य राज्यों की सांस्कृतिक विविधता और स्वाद को प्रदर्शित करना है।
इससे भी खास बात यह है कि शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाले सभी मुख्यमंत्री पटना के प्रसिद्ध मौर्या होटल में लंच करेंगे, जहां इन व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलेगा। यह भोजन खास तौर पर राज्य की पारंपरिक खाद्य संस्कृति का प्रतीक होगा, जो बिहार की समृद्धि और उसकी सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करेगा।
पीएम मोदी के सम्मान में राजभवन में विशेष भोज
नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में राजभवन में विशेष भोज का आयोजन किया जाएगा। इस भोज में 150 खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया है, और इसमें बिहार के पारंपरिक व्यंजन जैसे लिट्टी-चोखा, सिलाव का खाजा, पंतूआ, और कम मसाले वाली हरी सब्जियों के खास पकवान परोसे जाएंगे। पीएम मोदी के लिए विशेष डाइट का भी इंतजाम किया गया है, ताकि उनकी सेहत का ख्याल रखा जा सके और वे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद ले सकें।
यह भोज सिर्फ एक रात्रि भोज नहीं, बल्कि बिहार के स्वाद और संस्कृति को प्रदर्शित करने का एक शानदार अवसर होगा। इसमें शामिल होने वाले सभी मेहमानों को इस भोज के माध्यम से बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
खासतौर पर शाकाहारी भोजन का चयन
इस समारोह में शाकाहारी भोजन का खासतौर पर ध्यान रखा गया है, जो एक तरफ बिहार की सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य अतिथियों के लिए स्वस्थ विकल्प भी प्रस्तुत करता है। शाकाहारी भोजन को लेकर इस आयोजन में बहुत सोच-समझ कर निर्णय लिया गया है, ताकि सभी मेहमानों को स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक भोजन मिल सके।
नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में भोजन के चयन से यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार न सिर्फ बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को महत्व देती है, बल्कि अपने मेहमानों के स्वागत और सम्मान में भी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।