AT-03 South Bound Tunnel: 3.5 किमी लंबी टनल तैयार, Amarnath Yatra होगी और आसान

AT-03 South Bound Tunnel

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AT-03 South Bound Tunnel: जम्मू-कश्मीर की यात्रा करने वाले लोगों और स्थानीय निवासियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। पहाड़ों के बीच सफर को सुरक्षित और आसान बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। रामबन जिले में बनकर तैयार हुई एक नई सुरंग जल्द ही आम जनता के लिए खुलने जा रही है। इस नए रास्ते के शुरू होने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को अब सफर के दौरान सबसे डरावने और जोखिम भरे रास्तों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा। यह नया इंफ्रास्ट्रक्चर पूरे क्षेत्र में साल भर बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए तैयार किया गया है।

यात्रियों को मिलेगी ‘खूनी नाला’ से मुक्ति

जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे हमेशा से ही अपनी भौगोलिक चुनौतियों के लिए जाना जाता रहा है। इस हाईवे पर पंथ्याल और ‘खूनी नाला’ जैसे हिस्से सालों से सबसे ज्यादा संवेदनशील रहे हैं। मानसून और सर्दियों के मौसम में यहाँ अक्सर अचानक भूस्खलन होना, ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर गिरना और अचानक बाढ़ आ जाना बेहद आम बात थी। इन वजहों से कई बार हाईवे हफ्तों तक बंद रहता था और भीषण ट्रैफिक जाम लग जाता था। कई बार यहाँ गंभीर सड़क हादसे भी देखने को मिलते थे। लेकिन अब एटी-03 साउथ बाउंड टनल के बन जाने से गाड़ियों को इन खतरनाक मोड़ों और खुले रास्तों पर जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। लोग सुरंग के अंदर से सुरक्षित तरीके से निकल सकेंगे।

 AT-03 South Bound Tunnel

करोड़ों की लागत से तैयार हुआ नया रास्ता

इस बेहद जरूरी प्रोजेक्ट का निर्माण सरला प्रोजेक्ट वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया है। करीब 3.5 किलोमीटर लंबी इस एटी-03 साउथ बाउंड टनल को बनाने में लगभग 846 करोड़ रुपये की लागत आई है। कंपनी के तकनीकी प्रबंधकों के अनुसार, सुरंग का मुख्य सिविल काम पूरी तरह से खत्म हो चुका है। फिलहाल इसके अंदर लाइटिंग, वेंटिलेशन और सुरक्षा जांच से जुड़े अंतिम चरण के काम किए जा रहे हैं। यह टनल सीधे पंथ्याल को डिगडूल से जोड़ने का काम करेगी, जिससे न केवल हादसों का खतरा खत्म होगा बल्कि दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय में भी काफी बचत होगी।

 AT-03 South Bound Tunnel: तीर्थयात्रियों के लिए बेहद अहम होगी यह सुरंग

प्रशासन की पूरी कोशिश है कि इस सुरंग को अगले कुछ ही दिनों में पूरी तरह से वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाए। इसके पीछे की मुख्य वजह आने वाली अमरनाथ यात्रा 2026 है। हर साल देश भर से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इसी हाईवे से होकर गुजरते हैं।

ऐसे में यात्रा शुरू होने से ठीक पहले इस सुरंग का खुलना हजारों तीर्थयात्रियों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा। इससे घाटी में आने वाले पर्यटकों, भारी वाहनों और स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को भी जाम से बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों ने भी सरकार के इस कदम की सराहना की है क्योंकि इससे क्षेत्र में व्यापार और पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर एटी-03 टनल का पूरा होना सिर्फ एक सड़क का बनना नहीं है, बल्कि यह पहाड़ों में रहने वाले लोगों के जीवन को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 846 करोड़ रुपये के इस निवेश से तैयार हुई यह आधुनिक सुरंग आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर के विकास की नई लाइफलाइन साबित होगी। अब मौसम चाहे कैसा भी हो, देश के इस सबसे महत्वपूर्ण रोड कॉरिडोर पर गाड़ियों के पहिए बिना किसी डर के लगातार आगे बढ़ते रहेंगे।

यह भी पढ़ें: PM Modi Seychelles visit: 1250 करोड़ रुपये की Line of Credit समेत कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर

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