PM Modi Seychelles visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर दुनिया के नक्शे पर भारत का मान बढ़ाया है। अपनी हालिया विदेश यात्रा के दौरान उन्होंने एक ऐसा नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। रविवार को पीएम मोदी ने द्वीपीय देश सेशेल्स (Seychelles) की नेशनल असेंबली को संबोधित किया। यह पहला मौका था जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री सेशेल्स की संसद में अपनी बात रख रहा था। इस ऐतिहासिक पल के साथ ही उन्होंने दुनिया भर की संसदों में भाषण देने का अपना ही एक बड़ा रिकॉर्ड और मजबूत कर लिया है। आइए जानते हैं उनकी इस खास यात्रा और इससे जुड़ी कुछ बेहद दिलचस्प बातों के बारे में।
द्विपक्षीय संबंधों की एक नई शुरुआत
सेशेल्स की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर खुशी जताई कि उन्हें दोनों देशों के साझा मूल्यों को दुनिया के सामने रखने का मौका मिला। उन्होंने सेशेल्स (Seychelles) की सरकार और वहां के लोगों का दिल से आभार व्यक्त किया।
India and Seychelles will continue to work together for a safer and more secure Indian Ocean region. @SeychellesNA pic.twitter.com/HspdKG4Lgx
— Narendra Modi (@narendramodi) June 28, 2026
अपने भाषण में पीएम मोदी ने भारत और सेशेल्स के गहरे रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच करीब 50 साल पुराना मजबूत रिश्ता है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि सेशेल्स के लोगों के दिलों में भारतीयों के लिए एक बेहद खास जगह और प्यार है। यह सिर्फ दो सरकारों के बीच का रिश्ता नहीं है, बल्कि यह दो देशों के लोगों के बीच की आपसी समझ और साझेदारी है जो वक्त के साथ और गहरी हुई है।

PM Modi Seychelles visit: विदेशी धरती पर संबोधनों का लंबा सफर
अगर हम प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी दौरों और वहां की संसदों में दिए गए भाषणों के सफर को देखें, तो इसकी शुरुआत साल 2014 से ही हो गई थी। अपने पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने सबसे पहले भूटान, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया और फिजी की संसदों को संबोधित कर अपनी विदेश नीति की मजबूत नींव रखी थी।
इसके बाद साल 2015 में भी यह सिलसिला थमा नहीं और उन्होंने मॉरीशस, श्रीलंका, मंगोलिया, ब्रिटेन और अफगानिस्तान में अपनी बात रखी। साल 2016 और 2023 में अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित कर वह दो बार ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। हाल के वर्षों में उन्होंने घाना, नामीबिया, इथियोपिया और इजरायल की संसद नेसेट में भी भाषण देकर भारत की कूटनीति को नए आयाम दिए हैं।

पर्यावरण संरक्षण के लिए मिला सर्वोच्च सम्मान
इस यात्रा की एक और बड़ी खास बात यह रही कि सेशेल्स में पीएम मोदी को वहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। उन्हें पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में उनके बेहतरीन काम और नेतृत्व के लिए ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन‘ सम्मान दिया गया। प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को स्वीकार करते हुए इसे उन सभी देशों को समर्पित किया जो आज जलवायु परिवर्तन की बड़ी चुनौती से लड़ रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर Seychelles के राष्ट्रपति और जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को सुरक्षित रखने के हमारे साझा संकल्प को दर्शाता है।

पीएम मोदी का यह Seychelles दौरा न केवल दो देशों के आपसी रिश्तों को मजबूत करने वाला रहा, बल्कि इसने वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत को भी दिखाया है। 20वीं बार किसी विदेशी संसद को संबोधित करना यह साबित करता है कि आज दुनिया भारत की आवाज को कितनी गंभीरता से सुन रही है। सेशेल्स के साथ बढ़ी यह नजदीकी आने वाले समय में दोनों देशों के लिए विकास के नए रास्ते खोलेगी।
यह भी पढ़ें: PM Modi Seychelles visit: मिला सर्वोच्च सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर