अहमदाबाद की साबरमती जेल से एक बड़ी और गंभीर घटना सामने आई है, जहां कैदियों के बीच हुई मारपीट में आतंकी आरोपों में बंद डॉ. अहमद सईद पर अन्य कैदियों ने हमला कर दिया। इस घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि हाल के दिनों में गुजरात ATS द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन आतंकवादियों को इसी जेल में रखा गया था। जानकारी के अनुसार, साबरमती जेल में अचानक कैदियों के बीच विवाद बढ़ा और देखते ही देखते स्थिति हिंसक झगड़े में बदल गई, जिसमें आतंकवादी अहमद सईद को काफी चोटें आईं। बताया गया है कि उसकी आंख पर गंभीर चोट आई है, जिसके बाद उसे तुरंत चिकित्सा के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों का एक बड़ा काफिला जेल पहुंचा और मामले की जांच शुरू कर दी गई है, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विवाद की शुरुआत आखिर किस बात को लेकर हुई। ATS द्वारा प्रारंभिक जांच में मिले विवरण के अनुसार, 9 नवंबर को गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते ने जिन तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था—हैदराबाद के डॉ. अहमद मोइनुद्दीन सैयद, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के मोहम्मद सुहैल मोहम्मद सलीम खान और शामली के आजाद सुलेमान शेख—वे भारत में बड़ी आतंकी साजिश को अंजाम देने की तैयारी में थे और देश-विदेश से भारी धनराशि एकत्र कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया था कि यह गिरोह हथियार खरीद, विस्फोटक सामग्री जुटाने और नेटवर्क विस्तार में लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि साबरमती जेल में जिस वक्त झगड़ा हुआ, उसी दौरान तीनों आतंकियों में से एक कैदी का बैरक में मौजूद एक अन्य कैदी से विवाद हो गया, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया और दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। स्थिति अचानक बिगड़ गई और अन्य कैदी भी इसमें शामिल हो गए, जिसके चलते आतंकवादी अहमद सईद को पीटा गया। जेल प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप कर झगड़ा रोका और घायल आतंकवादी को अस्पताल भिजवाया। गंभीर चोटों की वजह से सईद को सिविल अस्पताल में भर्ती करना पड़ा, जहां उसकी आंख के ऊपर लगी गहरी चोट का इलाज जारी है। पुलिस ने इस संबंध में हमला करने वाले तीन कैदियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और उनसे पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा कारणों से जेल प्रशासन ने इस पूरे मामले को उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट कर दिया है और जेल परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि करीब दस दिन पहले गुजरात ATS को एक गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर गांधीनगर के अडालज टोल प्लाजा के पास से हैदराबाद के डॉ. अहमद मोइनुद्दीन सैयद को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान उसकी कार से एक पिस्तौल, 30 कारतूस और 4 लीटर अरंडी का तेल बरामद हुआ था, जो किसी गंभीर आतंकी तैयारी का संकेत माना जा रहा था। इसके बाद की गई जांच में दो और आतंकियों की गिरफ्तारी हुई थी। अब साबरमती जेल में हुई ताज़ा मारपीट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि हाई-प्रोफाइल आरोपियों के बीच हिंसा की यह घटना जेल में सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है। पुलिस और ATS इस झगड़े को लेकर कई पहलुओं से जांच कर रही है—क्या यह केवल आपसी विवाद था या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है, इस पर भी नजर रखी जा रही है। फिलहाल जेल प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है और सभी बैरकों में निगरानी के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है, ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो। घटना के बाद जेल में तनाव का माहौल है और पुलिस द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।







