Gulmarg Blast : जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग के फॉरवर्ड एरिया में शनिवार को एक रहस्यमयी धमाका हुआ है। यह विस्फोट गुलमर्ग पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाली लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास सुमली वाली ढोक में ‘आशा पोस्ट’ के नजदीक हुआ। इस अचानक हुए हादसे की वजह से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस दुखद घटना में एक स्थानीय नागरिक (पोर्टर) की मौत हो गई है, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
गुलमर्ग में विस्फोट
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कोई नया आतंकी हमला नहीं था, बल्कि यह धमाका एक पुराने जिंदा शेल (गोला) के फटने की वजह से हुआ है। बताया जा रहा है कि यह शेल कथित तौर पर पिछले साल भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इसी इलाके में गिरा हुआ रह गया था, जो आज अचानक किसी वजह से ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनी गई। स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत सभी घायलों को पास के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, कुछ घायलों की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।
ऑपरेशन सिंदूर
इस हादसे का कनेक्शन जिस सैन्य अभियान से जोड़ा जा रहा है, उसका एक बड़ा ऐतिहासिक बैकग्राउंड है। दरअसल, पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम की खूबसूरत बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने कायराना हरकत करते हुए अंधाधुंध गोलीबारी की थी। उस हमले में 25 मासूम पर्यटकों और एक स्थानीय पोनीवाले (घोड़े वाले) समेत कुल 26 बेकसूर लोगों की जान चली गई थी। इस क्रूर आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने और अपनी जनता का बदला लेने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई, 2025 की सुबह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत की थी।
इस बेहद आक्रामक और साहसिक ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने सीमा पार जाकर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में चल रहे आतंकी लॉन्च पैड्स और ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया था। इस सर्जिकल स्ट्राइक और सैन्य कार्रवाई में 100 से अधिक खूंखार आतंकवादी मारे गए थे। इस दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच तीन दिनों तक भीषण सैन्य संघर्ष भी चला था, जिसमें पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा था और उनके कई सैन्य ठिकाने व हवाईअड्डे क्षतिग्रस्त हो गए थे। आखिरकार, बौखलाए पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों ने भारत के सैन्य अभियान के महानिदेशक (DGMO) से संपर्क कर इस हमले को रोकने की गुहार लगाई थी, जिसके बाद 10 मई को भारत ने इस शर्त पर अभियान स्थगित किया था कि दोबारा ऐसी हरकत होने पर सेना फिर सीमा पार घुसेगी।
सुरक्षाबलों ने जांच शुरू की
शनिवार को हुए इस हादसे के तुरंत बाद भारतीय सेना और स्थानीय पुलिस की टुकड़ियां मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है और सघन तलाशी अभियान (जांच) शुरू कर दी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई और दूसरा जिंदा शेल या संदिग्ध सामग्री न बची हो। हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर अभी तक सेना या जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी तफ्तीश और फॉरेंसिक जांच के बाद ही घटना की वास्तविक हकीकत और विस्तृत जानकारी मीडिया के सामने रखी जाएगी।







