International Yoga Day 2026: आज रविवार को उत्तर प्रदेश के कोने-कोने में योग का एक अलग ही रंग देखने को मिला। सुबह की शांत हवाओं के बीच लोग पार्कों, मैदानों और ऐतिहासिक स्थलों पर चटाई बिछाकर योगाभ्यास करते नजर आए। मौका था 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का, जिसे पूरे प्रदेश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। बच्चे हों या बुजुर्ग, हर किसी में अपनी सेहत को लेकर एक नई जागरूकता साफ महसूस की जा सकती थी। इस बार यूपी सरकार और विभिन्न संगठनों ने मिलकर इसे जन-जन का अभियान बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

राजभवन में राज्यपाल और झांसी में CM Yogi का योगाभ्यास
राजधानी लखनऊ स्थित राजभवन के हरे-भरे लॉन में सुबह ठीक 6 बजे सामूहिक योग कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस विशेष सत्र में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल खुद शामिल हुईं और वहां मौजूद सैकड़ों लोगों के साथ मिलकर विभिन्न आसन किए। योगाभ्यास के बाद राज्यपाल ने सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने बहुत ही सरल शब्दों में कहा कि योग केवल कसरत नहीं है, बल्कि यह हमारे शांत मन, स्वस्थ शरीर और एक संतुलित जीवन का असली आधार है। उन्होंने सभी से इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की।

दूसरी तरफ, CM Yogi आदित्यनाथ इस बार झांसी में आयोजित मुख्य योग कार्यक्रम का हिस्सा बने। बुंदेलखंड की इस ऐतिहासिक धरती से उन्होंने पूरे प्रदेश को निरोग रहने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारी प्राचीन भारतीय परंपराओं और विरासत को दुनिया भर में एक नई पहचान दिलाई है। उन्होंने एक ऐसा विजन देश के सामने रखा है, जिससे 140 करोड़ भारतीय पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं और ‘विकसित भारत’ के सपने को सच करने में जुटे हैं। भाजपा भी इस मौके पर पूरे राज्य में ‘योग से निरोग’ का संदेश लेकर हर गांव और कस्बे को इससे जोड़ने का प्रयास कर रही है।

जिलों में जुटे दिग्गज और अधिकारियों ने लगाई योग की पाठशाला
इस बार सिर्फ बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि छोटे-छोटे जिलों और ग्राम पंचायतों में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का असर दिखा। महराजगंज में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्थानीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं के साथ सुबह-सुबह योगाभ्यास किया। वहीं, प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्रियों ने भी अलग-अलग जगहों पर कमान संभाली। केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में संगम किनारे योग किया, तो ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में मोर्चा संभाला। संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने लखनऊ के राजाजीपुरम में लोगों के साथ आसन किए।
बदायूं के पुलिस परेड ग्राउंड में भी एक बड़ा और भव्य कार्यक्रम हुआ, जहां प्रभारी मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना के साथ भारी संख्या में आम लोग और अधिकारी एक साथ योग मुद्रा में दिखे। मंत्री ने इस बात की सराहना की कि आज पूरी दुनिया भारतीय योग को अपना रही है। उधर उन्नाव के पुलिस लाइन मैदान में जिला प्रशासन ने योग की एक तरह से पाठशाला ही लगा दी। वहां जिलाधिकारी घनश्याम मीना और एसएसपी जेपी सिंह ने मुख्य अतिथि डॉ. सुनील विश्वकर्मा के साथ मिलकर योगाभ्यास किया और लोगों को फिटनेस का महत्व समझाया।
जालौन जिले का तो पूरा वातावरण ही योग के रंग में डूबा नजर आया। उरई की पुलिस लाइन से लेकर जिले के स्कूलों, कॉलेजों, आंगनबाड़ी केंद्रों और यहां तक कि गांवों के अमृत सरोवरों के किनारे भी सामूहिक योग के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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इस साल की खास प्रेरणा और संदेश
अगर आप यह सोच रहे हैं कि इस बार के आयोजनों में किस बात पर सबसे ज्यादा जोर था, तो आपको बता दें कि इस साल के योग की थीम ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ (Yoga for Healthy Aging) रखी गई है। इस संदेश के पीछे की सोच बेहद व्यावहारिक है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर की सक्रियता कम होने लगती है। ऐसे में नियमित योग करने से बुजुर्गों के जोड़ों का दर्द दूर रहता है, शरीर में लचीलापन बना रहता है और ढलती उम्र में भी वे आत्मनिर्भर और खुशहाल रह सकते हैं। यूपी के तमाम शहरों और गांवों में इस थीम को ध्यान में रखकर बुजुर्गों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था।
उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के बहाने जो माहौल बना, वह यह याद दिलाने के लिए काफी है कि सेहत से बड़ी कोई पूंजी नहीं है। सरकार, मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जिस तरह आम जनता, महिलाओं और युवाओं ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, उससे यह साफ है कि योग अब सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं रह गया है। अगर आप कल किसी वजह से योग नहीं कर पाए थे, तो कोई बात नहीं, सेहत की शुरुआत किसी भी दिन से की जा सकती है। आज ही से थोड़ा समय अपने शरीर और मानसिक शांति के लिए जरूर निकालें।






