जैश-ए-मोहम्मद के फरीदाबाद माड्यूल की अहम सदस्य Dr Shaheen के पास तीन पासपोर्ट होने का खुलासा हुआ है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अब गंभीर जांच में जुट गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन पासपोर्टों का इस्तेमाल करके डॉ. शाहीन ने पाकिस्तान समेत अन्य देशों की यात्राएं की थीं। इन पासपोर्टों में डॉ. शाहीन के अभिभावकों के नाम अलग-अलग दर्ज हैं, जिससे मामला और भी पेचीदा हो गया है। एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि इस आतंकी कनेक्शन से जुड़ी सारी जानकारी सामने आ सके।
पासपोर्ट में असंगतियां और जांच की दिशा
जांच एजेंसियों के मुताबिक, डॉ. शाहीन के पास जो तीन पासपोर्ट मिले हैं, उनमें से एक पासपोर्ट का पता जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर, दूसरा लखनऊ और तीसरा फरीदाबाद का है। इन सभी पासपोर्टों में अभिभावक के रूप में अलग-अलग नाम दर्ज किए गए हैं। एक में पिता, दूसरे में पति और तीसरे में भाई को अभिभावक दिखाया है। डॉ. शाहीन के द्वारा सबसे हाल ही में बनाए गए पासपोर्ट में उसके भाई डॉ. परवेज अंसारी को अभिभावक के तौर पर दर्शाया गया है। यह पासपोर्ट इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ के पते पर जारी किया गया है, जहां डॉ. शाहीन का भाई कार्यरत था।
जांच एजेंसियां अब कानपुर से लेकर लखनऊ और फरीदाबाद तक इन पासपोर्टों से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कर रही हैं। ऐसे में अब जांच एजेंसियां कानपुर मेडिकल कॉलेज से लेकर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी कैंपस तक पड़ताल कर रहीं हैं। डॉ. परवेज से जुड़े दस्तावेजों को संकलित कर उनका सत्यापन किया जा रहा है।

विदेश यात्रा और संदिग्ध कनेक्शन
जांच में यह भी सामने आया है कि डॉ. शाहीन ने इन पासपोर्टों का उपयोग करके पाकिस्तान सहित अन्य देशों की यात्राएं की थीं। उसके विदेश यात्रा के रिकॉर्ड के अनुसार, उसने पाकिस्तान तीन बार यात्रा की थी और छह अन्य देशों का भी दौरा किया था। 2013 में कानपुर में नौकरी छोड़ने के बाद डॉ. शाहीन थाईलैंड गई थी। इसके अलावा, उसके भाई डॉ. परवेज अंसारी ने 2021 से पहले तीन साल तक मालदीव में समय बिताया था। इन यात्रा रिकॉर्ड्स से यह सवाल उठता है कि क्या इन यात्राओं के दौरान डॉ. शाहीन की आतंकी गतिविधियों से कोई कनेक्शन था।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज और इंटीग्रल यूनिवर्सिटी की भूमिका
इस मामले ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर और इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ की भूमिका को भी सवालों के घेरे में ला दिया है। सुरक्षा एजेंसियां अब इन संस्थानों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। डॉ. शाहीन और उसके भाई डॉ. परवेज की गतिविधियों का अब रडार पर होना, इन संस्थानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाता है। विशेष रूप से जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के उन डॉक्टरों की जांच शुरू हो गई है, जिनकी जीवनशैली में अचानक बदलाव आया था। इसमें महिला और पुरुष दोनों डॉक्टर शामिल हैं, जिनकी जांच की जा रही है।