Bharat Bhagya Vidhata : अगर आप भी फिल्मों के शौकीन हैं और इस वीकेंड किसी बेहतरीन फिल्म को देखने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर है। बॉलीवुड की ‘क्वीन’ कंगना रनौत की नई फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और रिलीज होते ही यह फिल्म हर तरफ छा गई है। दर्शकों के शानदार रिस्पॉन्स के बीच इस फिल्म को लेकर एक बहुत बड़ा फैसला सामने आया है। दिल्ली के बाद अब इस फिल्म को एक और राज्य में टैक्स फ्री कर दिया गया है।
स्पेशल स्क्रीनिंग में पहुंचे मुख्यमंत्री
दरअसल, शनिवार को चंडीगढ़ में फिल्म के मेकर्स ने एक स्पेशल स्क्रीनिंग रखी थी, जिसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शिरकत की। सीएम सैनी ने न सिर्फ पूरी फिल्म देखी, बल्कि इसकी कहानी से वो इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत मीडिया के सामने आकर एक बड़ा एलान कर दिया। उन्होंने कहा कि यह फिल्म समाज को एक बहुत ही खूबसूरत और मजबूत संदेश देती है, इसलिए इसे राज्य के हर नागरिक को देखना चाहिए।
क्यों लिया गया टैक्स फ्री करने का फैसला?
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मीडिया से बातचीत में फिल्म की जमकर तारीफ की। उन्होंने इसे साहस, करुणा, कर्तव्य और इंसानियत की एक बेहद दमदार कहानी बताया। सीएम ने कहा, “ऐसी प्रेरणादायक फिल्में जो हमें अंदर से झकझोरती हैं और देश के प्रति हमारे कर्तव्यों का अहसास कराती हैं, उन्हें बढ़ावा मिलना चाहिए। यही वजह है कि हम इसे पूरे राज्य में टैक्स-फ्री कर रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे आसानी से देख सकें।”
दिल्ली में भी मिल चुका है यह सम्मान
आपको बता दें कि हरियाणा से पहले देश की राजधानी दिल्ली में भी इस फिल्म को टैक्स फ्री किया जा चुका है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर कंगना रनौत की एक्टिंग की जमकर सराहना की थी। उन्होंने लिखा था कि कंगना की दमदार परफॉर्मेंस फिल्म की भावनाओं को सीधे दर्शकों के दिल तक पहुंचाती है। यह फिल्म समाज में सेवा और संवेदनशीलता की भावना को जगाने का काम करती है।
क्या है फिल्म की असली कहानी?
अब आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि आखिर इस फिल्म की कहानी में ऐसा क्या खास है? तो आपको बता दें कि मनोज तापड़िया के निर्देशन में बनी यह फिल्म 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के उस दर्दनाक और डरावने मंजर पर आधारित है, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। फिल्म की पूरी कहानी कामा अस्पताल और वहां तैनात उन जांबाज नर्सों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए आतंकियों के सामने ढाल बनकर 400 से ज्यादा मरीजों की जान बचाई थी।






