Lucknow News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद चौंकाने वाली और डरा देने वाली खबर सामने आई है। लखनऊ में एक बार फिर किसी बड़े ट्रेन हादसे को अंजाम देने की खतरनाक साजिश रची गई। गनीमत रही कि लोको पायलट (ड्राइवर) की समझदारी और सतर्कता की वजह से सैकड़ों यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई। आइए आपको बताते हैं कि आखिर उस दिन रेलवे ट्रैक पर क्या हुआ था।
बाल-बाल बची पंजाब मेल
यह खौफनाक घटना शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे की है। अमृतसर से हावड़ा की तरफ जा रही पंजाब मेल (ट्रेन संख्या 13006) जब लखनऊ के कैंट इलाके में दिलकुशा ब्लॉक हट के पास से गुजर रही थी, तभी अचानक यह हादसा होते-होते बचा। ट्रेन की रफ्तार वैसे तो ज्यादा नहीं थी, लेकिन ट्रैक पर रखे भारी-भरकम लोहे की वजह से एक जोरदार झटका लगा।
लोको पायलट की सूझबूझ आई काम
दरअसल, पटरी पर लोहे का एक बड़ा एंगल रखा हुआ था। जैसे ही लोको पायलट की नजर उस पर पड़ी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। हालांकि, तब तक ट्रेन का इंजन उस लोहे से टकरा चुका था और वह भारी एंगल इंजन के नीचे बुरी तरह फंस गया। इसके बाद तुरंत रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ (RPF) को इसकी जानकारी दी गई, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर लोहे को ट्रैक से हटाया।

जांच में जुटी पुलिस और खुफिया एजेंसियां
इस गंभीर मामले को लेकर वरिष्ठ खंड अभियंता राजकिशोर मिश्र की शिकायत पर कैंट थाने में रेलवे एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। कैंट थाना प्रभारी गुरप्रीत कौर के मुताबिक, पुलिस और सर्विलांस की टीमें रेलवे ट्रैक के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। शुरुआती जांच में इसे कुछ नशेड़ियों या शरारती तत्वों की करतूत माना जा रहा है, लेकिन किसी बड़ी आतंकी या असामाजिक साजिश के एंगल से भी खुफिया एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।
लखनऊ में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी साजिशें
आपको जानकर हैरानी होगी कि लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में ट्रेनों को डिरेल (पटरी से उतारने) करने की यह कोई पहली कोशिश नहीं है। पिछले कुछ महीनों में मलिहाबाद, उतरठिया और मल्हौर स्टेशनों के पास कभी पटरियों पर भारी लकड़ी का तना, कभी लोहे का दरवाजा, तो कभी बड़े-बड़े पत्थर रखकर ट्रेन पलटाने की कोशिशें की जा चुकी हैं। हर बार हमारे लोको पायलटों की मुस्तैदी से ही देश एक बड़े हादसे से बच जाता है।






