लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Join RSS) ने अपने शताब्दी वर्ष को सामाजिक चेतना और सकारात्मक परिवर्तन के बड़े अभियान के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में रविवार को ट्रांसपोर्ट नगर स्थित POCS सभागार में “पंच परिवर्तन” विषय पर समाज जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. अशोक दुबे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अशोक दुबे, श्याम त्रिपाठी और ज्वाइन आरएसएस के प्रांत प्रमुख अजय जोशी ने किया। कार्यक्रम में पत्रकारों और सोशल मीडिया प्रभावकों को सम्मानित किया गया, जिससे संवाद और जनभागीदारी की भावना को और बल मिला।

डॉ. अशोक दुबे ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और शताब्दी वर्ष के इस ऐतिहासिक अवसर पर “पंच परिवर्तन”— सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य—को समाज में जमीनी स्तर पर स्थापित करने के लिए संघ कार्यकर्ता व्यापक अभियान चलाएंगे। उन्होंने बताया कि संघ के कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संवाद करेंगे और परिवारों के साथ सीधा संपर्क स्थापित कर पंच परिवर्तन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि महानगरों से लेकर दूरस्थ ग्रामीण इलाकों और समाज के हर वर्ग में पहुंचना संघ का लक्ष्य है, ताकि परिवर्तन की यह यात्रा हर व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सके।
डॉ. अशोक दुबे ने पंच परिवर्तन के प्रत्येक बिंदु पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि सामाजिक समरसता आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और समाज में सद्भाव और एकता का वातावरण निर्मित करना हर नागरिक का दायित्व है। कुटुंब प्रबोधन पर उन्होंने कहा कि परिवार भारतीय समाज की मूल इकाई है और परिवारों में संवाद, संस्कार और सामूहिकता बढ़ाने से राष्ट्र भी मजबूत होता है। पर्यावरण और स्वदेशी आचरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण और देशी उत्पादों का उपयोग न सिर्फ आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ाता है बल्कि समाज के स्वास्थ्य और सामाजिक संरचना को भी सुदृढ़ करता है।
कार्यक्रम के संयोजक अजय जोशी ने बताया कि शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ द्वारा कई बड़े आयोजन प्रस्तावित हैं, जिनमें से पंच परिवर्तन एक प्रमुख अभियान है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज जागरण का एक व्यापक अध्याय है जिसकी शुरुआत लखनऊ से हो चुकी है और आने वाले महीनों में यह प्रदेश-भर में विस्तारित किया जाएगा। कार्यक्रम संचालन प्रांत बाल कार्य प्रमुख आशुतोष ने किया।
कार्यक्रम के दौरान कई वरिष्ठ पत्रकारों और सोशल मीडिया प्रभावकों को सेवा साधना समर्पण संवाद फाउंडेशन की ओर से सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से प्रशांत त्रिपाठी, डॉ. मंगलेश्वर भरतराज त्रिपाठी, ओमकार त्रिपाठी, संतोष अवस्थी, असनीत शुक्ला, अनुराग त्रिपाठी, धर्मेन्द्र मिश्रा, विनीत द्विवेदी, अजय द्विवेदी, प्रिंस ठाकुर, राज कुमार, रमन सोनकर, सुरेश सिंह, विजय मिश्र, वीरेंद्र पांडेय, मधुकर पांडेय, विशाल यादव, अमित पांडेय, आशुतोष शर्मा, बालेंद्र सिंह, दयाशंकर चौबे, धर्मवीर राजपूत, हिमांशु, मानस मिश्रा, मुन्ना त्रिपाठी, शैलेन्द्र राय, शिवेंद्र सिंह और प्रभात शर्मा शामिल रहे। फाउंडेशन की ओर से अध्यक्ष श्रेयश अग्रवाल ने सम्मान पत्र प्रदान किए।
कार्यक्रम में राकेश उपाध्याय एडवोकेट, बृजनंदन राजू, भाग शारीरिक प्रमुख संजय, डॉ. मयंक, सौरभ शुक्ला, श्रेयश अग्रवाल और दिवाकर सिंह सहित कई प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सामाजिक जागरूकता, परिवारिक मूल्यों और स्वदेशी जीवनशैली को जीवन में उतारने का संकल्प लिया गया, ताकि पंच परिवर्तन का उद्देश्य समाज में वास्तविक बदलाव बनकर उभर सके।
