Greater Noida weather update: उत्तर प्रदेश के Greater Noida और उसके आस-पास के इलाकों में मौसम ने ऐसा करवट बदला कि लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। हाल ही में आई तेज आंधी और तूफान ने न सिर्फ मौसम का मिजाज बदला, बल्कि इलाके की बिजली व्यवस्था को भी पूरी तरह चरमरा दिया। तेज हवाओं और बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली की लाइनें टूट गईं। इस वजह से लोगों को घंटों बिना बिजली के रहना पड़ा। आइए जानते हैं कि इस तूफान से जमीनी स्तर पर क्या असर पड़ा है।

तूफान से मचा हड़कंप
इस तेज आंधी और पानी का सबसे ज्यादा असर दादरी, दनकौर, रबूपुरा और जेवर जैसे इलाकों में देखने को मिला। रात के वक्त आई तेज हवाओं ने देखते ही देखते कई जगहों पर भारी नुकसान पहुंचाया। रास्तों और बिजली के तारों पर बड़े-बड़े पेड़ गिर गए। अचानक हुई इस घटना से ग्रामीण और शहरी, दोनों ही क्षेत्रों के लोग परेशान हो गए। मोबाइल चार्ज करने से लेकर पानी की सप्लाई तक के लिए लोग परेशान होते दिखे।

नुकसान का आंकड़ा
तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि बिजली के ऊंचे-ऊंचे खंभे ताश के पत्तों की तरह ढह गए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अलग-अलग जगहों पर करीब 210 बिजली के पोल पूरी तरह टूट कर गिर गए। इसके साथ ही 72 बड़े ट्रांसफार्मर भी जल गए या क्षतिग्रस्त हो गए। 33 केवी और 11 केवी की मुख्य सप्लाई लाइनें टूटने से पूरा सिस्टम एक तरह से ठप हो गया।
मरम्मत का काम जारी
इतने बड़े स्तर पर नुकसान होने के बाद विद्युत विभाग तुरंत एक्शन में आ गया। अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें प्रभावित इलाकों में भेजी गईं। विभाग का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता मुख्य लाइनों को चालू करना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा घरों तक कम से कम समय में रोशनी पहुंचाई जा सके। इसके बाद टूटे हुए पोल को बदलने और नए ट्रांसफार्मर लगाने का काम किया जा रहा है। टीमें लगातार फील्ड में रहकर काम को पूरा करने की कोशिश कर रही हैं।
मौसम की इस मार ने एक बार फिर दिखा दिया कि तेज आंधी-तूफान के सामने हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर कितना संवेदनशील है। हालांकि, राहत की बात यह है कि बिजली कर्मचारी स्थिति को सामान्य करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सभी ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में बिजली पूरी तरह से बहाल हो जाएगी और लोगों की जिंदगी फिर से पटरी पर लौट आएगी।
