वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारियों के तहत तीसरी प्री-बजट बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की और बजट के लिए उनके सुझाव मांगे। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और एमएसएमई मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
सरकार इस समय विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद कर रही है ताकि आने वाले बजट में जमीनी सुझावों को शामिल किया जा सके। इससे पहले, वित्त मंत्री ने किसान संगठनों और कृषि अर्थशास्त्रियों के साथ भी बैठक की थी।
दिन की शुरुआत में जारी एसोचैम की रिपोर्ट में कहा गया कि सभी राज्यों में एमएसएमई निवेश माहौल को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल और समयबद्ध सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम को लागू करना एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया कि व्यावसायिक नियमों को सरल बनाया जाए, अनुमोदन प्रक्रिया को आसान किया जाए और एमएसएमई सेक्टर में सुधारों की गति बढ़ाई जाए।
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इसके अलावा, एसोचैम ने कंपनी अधिनियम के तहत पंजीकृत एमएसएमई के लिए द्विवार्षिक या त्रैवार्षिक फाइलिंग सिस्टम लागू करने की सिफारिश की, जिससे अनुपालन आसान हो सके।
वित्त मंत्री सीतारमण ने इससे पहले सोमवार को देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों और नीति विशेषज्ञों के साथ पहली प्री-बजट बैठक की थी। उस बैठक में मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन, आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) के वरिष्ठ अधिकारी और कई अर्थशास्त्री शामिल हुए थे।