लखनऊ, 4 नवंबर 2025: निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने आज विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान का दूसरा चरण शुरू किया। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और पूरी तरह सटीक बनाना है। इस चरण में लगभग 51 करोड़ मतदाता, यानी देश के 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के लोग शामिल होंगे।
एसआईआर अभियान से पहले भी निर्वाचन आयोग समय-समय पर मतदाता सूचियों में सुधार करता रहा है। लेकिन इस बार का दूसरा चरण विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसमें बड़े पैमाने पर ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। आयोग का कहना है कि इससे न केवल त्रुटियों को कम किया जा सकेगा, बल्कि मतदाताओं की पहचान की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
प्रक्रिया और समयसीमा
निर्वाचन आयोग के अनुसार यह प्रक्रिया गणना चरण से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगी। इसमें शामिल सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मतदाता ऑनलाइन पंजीकरण और सत्यापन कर पाएंगे।
- 9 दिसंबर 2025: मतदाता सूची का मसौदा जारी।
- मतदाताओं को समीक्षा और आपत्ति दर्ज करने का अवसर।
- 7 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित।
इस तरह से आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि सभी योग्य मतदाता सही नाम और विवरण के साथ सूची में शामिल हों।
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कौन-कौन से राज्य और केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं
इस बार एसआईआर के नए चरण में निम्नलिखित राज्य और केंद्रशासित प्रदेश शामिल किए गए हैं:
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
- लक्षद्वीप
- छत्तीसगढ़
- गोवा
- गुजरात
- केरल
- मध्य प्रदेश
- पुडुचेरी
- राजस्थान
- तमिलनाडु
- उत्तर प्रदेश
- पश्चिम बंगाल
इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची में नवीनतम परिवर्तनों और सुधारों को लागू किया जाएगा। आयोग ने इस प्रक्रिया में ऑनलाइन पंजीकरण और सत्यापन के जरिए अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है।
विधानसभा चुनाव वाले राज्य
विशेष रूप से ध्यान देने योग्य बात यह है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में एसआईआर प्रक्रिया का यह चरण और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
हालांकि असम में भी अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन इस बार आयोग ने इसे एसआईआर प्रक्रिया में शामिल नहीं किया है। इसका कारण चुनाव तिथियों और पिछले चरणों की प्रक्रिया से संबंधित तकनीकी निर्णय हैं।
मतदाता सूची अद्यतन का महत्व
एसआईआर अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी योग्य मतदाताओं को सही सूची में शामिल करना है। इसके जरिए न केवल नकल और फर्जी नामों को रोका जा सकेगा, बल्कि मतदाता पहचान की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
इस प्रक्रिया में मतदाता ऑनलाइन अपने विवरण को सत्यापित और सुधार सकते हैं। यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है या विवरण गलत है, तो वह ऑनलाइन सुधार या आपत्ति दर्ज कर सकता है। इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ेगा।
निर्वाचन आयोग की विशेष पहल
निर्वाचन आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया में ऑनलाइन प्रणाली लागू की है। इसके तहत:
- आवेदन से लेकर अंतिम सूची तक सभी चरण ऑनलाइन ट्रैक किए जा सकेंगे।
- प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित होगी, जो प्रक्रिया की निगरानी करेगी।
- यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या पक्षपात न हो।
इससे न केवल प्रशासनिक कामकाज तेज होगा, बल्कि आम मतदाता को भी सुलभ और पारदर्शी सेवा मिलेगी।