Varanasi में देव दीपावली की तैयारियां तेज़, घाटों पर सजावट और 15 लाख दीयों से जगमगाने की तैयारी

वाराणसी में देव दीपावली की तैयारियां तेज़, घाटों पर सजावट और 15 लाख दीयों से जगमगाने की तैयारी

Share This Article

Varanasi, 2 नवंबर 2025: गंगा की पावन नगरी वाराणसी (Varanasi) में देव दीपावली की तैयारियां इस समय ज़ोर-शोर से चल रही हैं। पूरे शहर के प्रमुख घाटों पर सफाई और सजावट का कार्य दिन-रात जारी है। श्रद्धा और आस्था के इस महापर्व को लेकर नगर प्रशासन, पर्यटन विभाग और घाट समितियां मिलकर तैयारी में जुटी हुई हैं।

Varanasi के घाटों पर सजेगा 15 लाख दीयों का प्रकाश

पर्यटन विभाग की ओर से इस बार 10 लाख दीयों का वितरण किया जा रहा है, जबकि अनुमान है कि सभी घाटों पर कुल मिलाकर लगभग 15 लाख दीये जलाए जाएंगे। हर घाट पर स्वयंसेवक, छात्र और स्थानीय समितियां इस कार्य में भाग ले रही हैं ताकि गंगा किनारे का हर कोना दीपों की रोशनी से जगमगा उठे।

पर्यटन विभाग और गंगा घाट से जुड़ी समितियां आपस में समन्वय बनाकर इस तैयारी को अंतिम रूप दे रही हैं। शहर के दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, राजेन्द्र प्रसाद घाट, चेतसिंह घाट और पंचगंगा घाट पर विशेष आकर्षण देखने को मिलेगा।

चेतसिंह घाट पर लेजर शो का आकर्षण

इस वर्ष चेतसिंह घाट पर विशेष लेजर शो की व्यवस्था की जा रही है, जो पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा। इस शो के माध्यम से गंगा की महिमा, वाराणसी की संस्कृति और देव दीपावली के इतिहास को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह लेजर शो पर्यावरण-अनुकूल तकनीक पर आधारित होगा और इसके जरिए वाराणसी को “सांस्कृतिक राजधानी” के रूप में विश्व पटल पर और मजबूत पहचान मिलेगी।

 

यह भी पढ़ें: मुरादाबाद के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में STEM प्रयोगशाला का उद्घाटन, विज्ञान और नवाचार की ओर एक नया कदम

Varanasi के घाटों पर सजावट और आरती की तैयारियां

गंगोत्री सेवा समिति के सचिव दिनेश शंकर दुबे ने बताया कि हर साल की तरह इस वर्ष भी सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गंगा घाट पर होने वाली महा आरती में 21 ब्राह्मण वेद-मंत्रों के साथ आरती करेंगे, वहीं रिद्धि-सिद्धि के रूप में 42 कन्याएं चवर डोलाकर देवी-देवताओं की आराधना करेंगी।

घाटों की सफाई, दीयों की सजावट और पुष्प-मालाओं से साज-सज्जा का कार्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। नगर निगम और स्थानीय स्वयंसेवी संगठन लगातार घाटों की सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में लगे हुए हैं।

पर्यटन विभाग की भूमिका और तैयारी

पर्यटन विभाग के इंस्पेक्टर मोहन कुमार पटेल ने बताया कि विभाग द्वारा 2000 तेल टीन की व्यवस्था की गई है, जिनका उपयोग दीयों में तेल भरने के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि:

  • वाराणसी के कुंडों और तालाबों के लिए 2 लाख दीये वितरित किए जाएंगे।
  • गंगा के रेत पर बनाए गए 14 सेक्टरों में करीब 3 लाख दीये सजाए जाएंगे।
  • पूरे 84 घाटों में बने 20 सेक्टरों में लगभग 5 लाख दीये वितरित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि केवल समितियां ही नहीं, बल्कि आमजन भी अपने स्तर पर घाटों पर दीये जलाकर इस उत्सव को और भव्य बनाते हैं। यही जनभागीदारी देव दीपावली की सबसे बड़ी विशेषता है।

यह भी पढ़ें: आसान और तेज हुआ PF रजिस्ट्रेशन, केंद्र सरकार ने शुरू की Employee Enrollment Scheme 2025

देव दीपावली: आस्था और पर्यटन का संगम

देव दीपावली केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह आस्था, संस्कृति और पर्यटन का अनूठा संगम है। हर वर्ष हजारों देशी-विदेशी पर्यटक इस उत्सव को देखने वाराणसी पहुंचते हैं। गंगा की लहरों पर झिलमिलाते लाखों दीयों का दृश्य एक अलौकिक अनुभव प्रदान करता है।

नगर प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। घाटों पर ड्रोन निगरानी, जल पुलिस और एनडीआरएफ टीम की तैनाती की जा रही है ताकि श्रद्धालु और पर्यटक सुरक्षित रूप से उत्सव का आनंद ले सकें।

रिपोर्ट — दीपक गुप्ता, वाराणसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

आपके क्षेत्र में सबसे मजबूत दल कौन है?
  • Add your answer

Also Read This