बरेली अदालत ने आसपुर हत्याकांड में पांच आरोपियों को सुनाई उम्रकैद, दो बरी

बरेली अदालत ने आसपुर हत्याकांड में पांच आरोपियों को सुनाई उम्रकैद, दो बरी

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आंवला थाना क्षेत्र के आसपुर गांव में वर्ष 2020 में हुई हत्या के मामले में एडीजे-3 विजेंद्र त्रिपाठी की अदालत ने सुनाया फैसला

बरेली, 1 नवंबर 2025: बरेली की एडीजे-3 अदालत ने शुक्रवार को एक बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाते हुए आंवला थाना क्षेत्र के आसपुर गांव में हुई हत्या और हत्या के प्रयास के आरोप में पांच आरोपियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी पांचों दोषियों पर 75-75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जबकि दो अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।इस मामले में कुल 13 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए गए, जिनके आधार पर न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी ने यह फैसला सुनाया। न्यायालय ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने पांच आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिससे उनका अपराध सिद्ध हुआ।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला 26 अप्रैल 2020 का है, जब आंवला थाना क्षेत्र के आसपुर गांव में एक विवाद के दौरान जसवीर नामक युवक की गोली मारकर और धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई थी। उसी दौरान जसवीर के साथ मौजूद गुड्डू नामक व्यक्ति की पीठ में गोली मार दी गई थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के बाद परिजनों ने गांव के कई लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था।

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बरेली अदालत में लंबी सुनवाई के बाद आया फैसला

इस मामले की सुनवाई पिछले लगभग पांच वर्षों से बरेली जिला न्यायालय में चल रही थी। अभियोजन पक्ष ने कुल 13 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए, जिनमें से मुख्य गवाह गुड्डू की गवाही को अदालत ने विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और घटनास्थल से बरामद साक्ष्यों के आधार पर पांचों आरोपियों को दोषी पाया।

न्यायालय ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में सफल रहा, जबकि दो आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत न मिलने के कारण उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया।

बरेली अदालत का आदेश

न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी ने अपने फैसले में कहा कि हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर सख्त सजा देना समाज में न्याय और भय के वातावरण को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर ₹75,000 का अर्थदंड लगाया। जुर्माने की राशि न भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें

अभियोजन पक्ष ने यह तर्क दिया कि अभियुक्तों ने पहले से रंजिश के चलते जसवीर की योजनाबद्ध तरीके से हत्या की थी। घटना स्थल पर बरामद कारतूस, घायल गुड्डू की गवाही और मेडिकल रिपोर्ट से अपराध साबित होता है। वहीं बचाव पक्ष ने कहा कि उनके मुवक्किलों को झूठा फंसाया गया है और गवाहों के बयान विरोधाभासी हैं। हालांकि न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के तर्कों को अधिक विश्वसनीय माना।

जनमानस में न्याय की भावना

अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है। गांव में इस फैसले को लेकर लोगों में संतोष की भावना है। स्थानीय लोगों ने कहा कि अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद न्यायपूर्ण निर्णय दिया, जिससे समाज में कानून के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

रिपोर्ट - अरविंद कुमार
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