लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर प्रदेश के वीर शहीदों को नमन किया। राजधानी लखनऊ के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन जवानों की याद में सिर झुकाया जिन्होंने अपने कर्तव्य पालन के दौरान देश और प्रदेश की सुरक्षा में प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि यह दिन उन सभी शूरवीरों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने समाज की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि 1 सितंबर 2024 से 31 अगस्त 2025 के बीच तीन वीर पुलिसकर्मी मुठभेड़ों में शहीद हुए हैं। इन बहादुर जवानों ने कर्तव्य, निष्ठा और साहस का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का काम किया है। प्रदेश की पुलिस ने न केवल अपराधियों पर लगाम लगाई है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन में सुरक्षा का भाव भी स्थापित किया है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने कहा कि सरकार शहीद परिवारों के साथ हमेशा खड़ी है और उनकी हर संभव सहायता की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों की वीरता और त्याग का कर्ज समाज कभी नहीं चुका सकता, लेकिन उनके परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों ने भी अपने साथियों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी पुलिस ने न केवल प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है, बल्कि जनविश्वास भी अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में निवेश और विकास का जो माहौल बना है, उसके पीछे पुलिस की समर्पित सेवा और सतर्कता की बड़ी भूमिका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस के जवान समाज के प्रहरी हैं, जो दिन-रात बिना भेदभाव के सुरक्षा का दायित्व निभा रहे हैं। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों से कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की जनता से भी अपील की कि वे पुलिस बल का सम्मान करें और समाज में कानून का पालन सुनिश्चित करने में सहयोग करें।