PM Modi five nation tour: अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति के लिहाज से यह हफ्ता भारत के लिए काफी अहम होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की एक महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस छह दिवसीय दौरे का मकसद व्यापार, तकनीक और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत की वैश्विक पकड़ को और मजबूत करना है।
चलिए जानते हैं कि प्रधानमंत्री के इस दौरे का पूरा शेड्यूल क्या है और किन देशों के साथ क्या खास समझौते होने वाले हैं।

यूएई से होगी दौरे की शुरुआत
प्रधानमंत्री के इस सफर का पहला पड़ाव संयुक्त अरब अमीरात (UAE) है। शुक्रवार को PM Modi आधिकारिक यात्रा पर यूएई पहुंचेंगे। भारत और यूएई के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में बहुत गहरे हुए हैं और यह यात्रा उसी रणनीतिक साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए है। वहाँ वे यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

इस बैठक में सबसे ज्यादा ध्यान ऊर्जा सुरक्षा और आपसी व्यापार पर रहेगा। माना जा रहा है कि एलपीजी और पेट्रोलियम स्टोरेज को लेकर दो बड़े समझौतों पर मुहर लग सकती है। यूएई हमारा तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, इसलिए आर्थिक रूप से यह दौरा काफी मायने रखता है।
यह भी पढ़ें: Petrol-Diesel Price Hike: पेट्रोल, डीजल, दूध और CNG सब महंगा; आज सुबह से बदल गए आपकी जरूरत के दाम

नीदरलैंड और स्वीडन के साथ खास मुलाकात
यूएई के बाद PM Modi नीदरलैंड की यात्रा करेंगे। 2017 के बाद यह उनकी वहां की दूसरी यात्रा है। इस दौरान वे वहां के किंग और क्वीन से तो मिलेंगे ही, साथ ही प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करेंगे। यूरोप के साथ भारत के व्यापारिक रिश्तों के लिए नीदरलैंड एक गेटवे की तरह काम करता है।
इसके बाद वे स्वीडन के गोथेनबर्ग जाएंगे। यहाँ PM Modi और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन व्यापार बढ़ाने के नए रास्तों पर बात करेंगे। एक खास कार्यक्रम में वे यूरोपीय उद्योग जगत के दिग्गजों को संबोधित भी करेंगे, जिसमें यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष भी मौजूद रहेंगी।

नॉर्डिक देशों और इटली का कार्यक्रम
यात्रा के चौथे दिन सोमवार को प्रधानमंत्री नॉर्वे पहुंचेंगे। यहाँ होने वाले तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है। नॉर्डिक देश तकनीक और क्लीन एनर्जी के मामले में दुनिया में अग्रणी हैं और भारत के हरित विकास के लक्ष्य के लिए उनका सहयोग जरूरी है।
अंत में, मंगलवार को PM Modi इटली पहुंचेंगे। वहां वे राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ अहम मुद्दों पर बातचीत करेंगे। भारत और इटली के बीच रक्षा और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर मुख्य जोर रहेगा। इस तरह PM Modi अपनी इस सघन यात्रा के दौरान भारत की वैश्विक छवि को और बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे।
भारतीयों के हितों पर भी चर्चा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस पूरे दौरे में सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि वहां रह रहे भारतीयों की सुविधाओं का भी ख्याल रखा गया है। अकेले यूएई में 45 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं। PM Modi अपनी मुलाकातों के दौरान प्रवासी भारतीयों के हितों और उनके बेहतर भविष्य के मुद्दों को भी उठाएंगे। जब भी प्रधानमंत्री विदेश जाते हैं, तो भारतीय समुदाय के साथ उनका जुड़ाव चर्चा का विषय रहता है।
देखें तो PM Modi का यह पांच देशों का दौरा भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के सपनों को वैश्विक सहयोग से जोड़ने की एक बड़ी कड़ी है। ऊर्जा सुरक्षा से लेकर आधुनिक तकनीक तक, यह यात्रा भारत को वैश्विक पटल पर एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी। देशवासियों की नजरें अब इस दौरे से निकलने वाले सकारात्मक नतीजों पर टिकी हैं।







