Cabinet Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में देश के विकास और किसानों की खुशहाली के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। इस बैठक में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और कृषि क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए 4 बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन फैसलों की बारीकियों को साझा किया, जो आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी की तस्वीर बदल सकते हैं।

देश की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड डबल लाइन
सरकार ने अहमदाबाद (सरखेज) से धोलेरा के बीच देश की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड डबल लाइन रेल परियोजना को हरी झंडी दे दी है। करीब 20,667 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट न केवल सफर की रफ्तार बढ़ाएगा, बल्कि धोलेरा को भविष्य के सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करने में भी मददगार होगा। यह 134 किलोमीटर लंबी रेल लाइन गुजरात के अहमदाबाद जिले के 284 गांवों को सीधे जोड़ेगी, जिससे करीब 5 लाख लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
यह प्रोजेक्ट धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल मैरीटाइम कॉम्प्लेक्स को भी जोड़ेगा। खास बात यह है कि यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार होगा और इससे हर साल 0.48 करोड़ लीटर तेल की बचत होगी। इस प्रोजेक्ट को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

किसानों के लिए खरीफ फसलों की MSP में बढ़ोतरी
किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए कैबिनेट ने साल 2026-27 सीजन के लिए खरीफ फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी दे दी है। यह MSP उत्पादन लागत से कम से कम 50% अधिक रखी गई है। सरकार को उम्मीद है कि इससे किसानों को करीब 2.60 लाख करोड़ रुपये का भुगतान होगा। कुल 14 खरीफ फसलों पर एमएसपी बढ़ाई गई है, जिसमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सूरजमुखी के बीजों पर की गई है। सूरजमुखी पर एमएसपी 622 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाई गई है। मौसम की मार और वैश्विक तनाव झेल रहे किसानों के लिए सरकार का यह कदम बड़ी राहत लेकर आ सकता है।

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कोयला गैसीकरण और नागपुर एयरपोर्ट का कायाकल्प
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए कैबिनेट ने कोयला गैसीकरण (Coal Gasification) परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत के पास 200 साल का कोयला भंडार है, जिसका उपयोग अब गैस बनाने में होगा और इसमें कुल 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है। इसके अलावा, नागपुर एयरपोर्ट को अब पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जाएगा। इससे विदर्भ क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को नई दिशा मिलेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

कैबिनेट के ये फैसले दिखाते हैं कि सरकार का जोर आधुनिक बुनियादी ढांचे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक साथ मजबूत करने पर है। जहां अहमदाबाद-धोलेरा रेल प्रोजेक्ट से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, वहीं एमएसपी में बढ़ोतरी से किसानों की आय सुनिश्चित होगी। कोयला गैसीकरण और एयरपोर्ट का विकास जैसे कदम भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं, जिनका असर आने वाले वर्षों में साफ दिखाई देगा।
