असम में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) की शानदार जीत के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। Himanta Biswa Sarma 12 मई को लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। रविवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया, जिसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।
विधायक दल के नेता के रूप में चयन
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जानकारी दी कि भाजपा के आठ विधायकों ने विधायक दल के नेता के रूप में सरमा के नाम का प्रस्ताव रखा। भाजपा और एनडीए का नेता चुने जाने के बाद सरमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लगातार तीसरी बार मिला यह जनादेश राज्य के विकास और स्थिरता में जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक है।
राज्यपाल से मुलाकात और सरकार बनाने का दावा
आज सुबह 11:15 बजे हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की और राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। अधिकारियों के अनुसार, सरमा और एनडीए के अन्य नेता आज पुनः लोक भवन में राज्यपाल से मिलेंगे ताकि सरकार गठन की औपचारिकताओं को अंतिम रूप दिया जा सके।
एनडीए का शानदार प्रदर्शन
126 सदस्यीय असम विधानसभा में एनडीए ने दो-तिहाई बहुमत हासिल कर इतिहास रचा है:
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भाजपा: 82 सीटें
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असम गण परिषद (AGP): 10 सीटें
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बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF): 10 सीटें
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कुल एनडीए: 102 सीटें
विकास का संकल्प
जेपी नड्डा ने ‘X’ पर सरमा को बधाई देते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ की यह सरकार ‘विकसित असम’ के संकल्प को साकार करेगी। गौरतलब है कि बुधवार को ही सरमा ने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया था। सरमा, जो 2015 में भाजपा में शामिल हुए थे, अब 12 मई को अपने नए मंत्रिपरिषद के साथ शपथ लेकर असम की कमान संभालेंगे।



