2025 में दुनिया का सैन्य खर्च पहुंचा 2.887 ट्रिलियन डॉलर! भारत बना 5वां सबसे बड़ा खर्च करने वाला देश

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नई दिल्ली: दुनिया भर में बढ़ते तनाव, युद्धों और सुरक्षा चुनौतियों के बीच देशों का रक्षा खर्च लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में वैश्विक सैन्य खर्च बढ़कर 2.887 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। यह लगातार 11वां साल है जब दुनिया का मिलिट्री बजट बढ़ा है।

पिछले दस सालों (2016-2025) में कुल मिलिट्री खर्च में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है, हालांकि 2025 में बढ़ोतरी की रफ्तार थोड़ी धीमी रही।

2025 में ग्लोबल मिलिट्री खर्च कितना बढ़ा?

SIPRI रिपोर्ट बताती है कि 2025 में वैश्विक सैन्य खर्च में 2.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यह 2024 के 9.7 प्रतिशत की तुलना में काफी कम है और 2021 के बाद सबसे धीमी बढ़ोतरी है।

दुनिया की जीडीपी में मिलिट्री खर्च का हिस्सा 2024 के 2.4 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 2.5 प्रतिशत हो गया। प्रति व्यक्ति औसत मिलिट्री खर्च 352 डॉलर रहा। टॉप 15 देशों ने मिलकर कुल खर्च का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा लिया।

टॉप 5 देशों ने किया आधे से ज्यादा खर्च

दुनिया के टॉप 5 सबसे ज्यादा सैन्य खर्च करने वाले देशों ने कुल 1.686 ट्रिलियन डॉलर खर्च किए, जो ग्लोबल टोटल का 58 प्रतिशत है।

यहां है टॉप 10 देशों की सूची:

रैंक देश सैन्य खर्च (अरब डॉलर में)
1 संयुक्त राज्य अमेरिका 954
2 चीन 336
3 रूस 190
4 जर्मनी 114
5 भारत 92.1
6 यूनाइटेड किंगडम 89
7 यूक्रेन 84.1
8 सऊदी अरब 83.2
9 फ्रांस 68
10 जापान 62.2

अमेरिका अभी भी पहले स्थान पर है और दुनिया के कुल सैन्य खर्च का लगभग एक-तिहाई हिस्सा वह अकेला खर्च कर रहा है। हालांकि, चीन के साथ का अंतर घट रहा है। 2025 में अमेरिका ने चीन से 2.8 गुना ज्यादा खर्च किया, जबकि 2024 में यह 3.2 गुना था।

भारत ने रक्षा बजट में किया 8.9% का इजाफा

भारत ने 2025 में अपने सैन्य खर्च में 8.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी की और यह 92.1 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। इसी के साथ भारत दुनिया का 5वां सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश बन गया। पाकिस्तान ने भी अपने मिलिट्री बजट में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी की।

क्षेत्रीय स्थिति: यूरोप और एशिया में सबसे तेज बढ़ोतरी

  • यूरोप: सबसे ज्यादा 14 प्रतिशत बढ़ोतरी, कुल खर्च 864 बिलियन डॉलर पहुंचा। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते जर्मनी, पोलैंड, इटली और यूक्रेन जैसे देशों ने बड़े पैमाने पर खर्च बढ़ाया।
  • एशिया और ओशिनिया: 2009 के बाद सबसे तेज बढ़ोतरी, कुल 681 बिलियन डॉलर। चीन 336 बिलियन डॉलर के साथ आगे रहा।
  • वेस्ट एशिया: इजराइल और ईरान दोनों ने खर्च कम किया।

टॉप 15 देशों में से 12 ने 2025 में अपना मिलिट्री बजट बढ़ाया, जबकि अमेरिका, ब्रिटेन और इजराइल ने थोड़ी कटौती की।

क्यों बढ़ रहा है दुनिया भर में रक्षा खर्च?

जियो-पॉलिटिकल तनाव, यूक्रेन युद्ध, ताइवान मुद्दा, मध्य पूर्व में अस्थिरता और बड़े देशों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा की वजह से लगभग हर देश अपनी सुरक्षा क्षमता मजबूत करने में जुटा है। SIPRI का कहना है कि यह ट्रेंड आने वाले सालों में भी जारी रह सकता है।

भारत जैसे देश अपनी सीमाओं की सुरक्षा और आधुनिक हथियारों को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश बढ़ा रहे हैं। 2025 की यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि दुनिया शांतिपूर्ण नहीं, बल्कि सुरक्षा को लेकर और ज्यादा सतर्क होती जा रही है।

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