Tamil Nadu CM: तमिलनाडु की राजनीति में रविवार का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में जब थलापति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तो वहां मौजूद हजारों समर्थकों का जोश देखने लायक था। लेकिन इस पूरे समारोह में जिस बात ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, वह था राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम्’। समारोह की शुरुआत और अंत में दो बार पूरा राष्ट्र गीत गाया गया, जिसे देखकर लोग कह रहे हैं कि यह एक ‘नया तमिलनाडु’ है।
राजनीति में ‘थलापति’ का नया अवतार
जोसेफ विजय, जिन्हें उनके फैंस प्यार से ‘थलापति’ कहते हैं, अब फिल्मी पर्दे से निकलकर सत्ता के शिखर तक पहुंच गए हैं। Tamil Nadu CM के रूप में विजय का सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने अपनी पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के जरिए उस तिलस्म को तोड़ दिया है, जिसे पिछले कई दशकों से कोई नहीं तोड़ पाया था। तमिलनाडु में दशकों से चल रहे डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) के दबदबे को खत्म कर विजय ने एक नई इबारत लिखी है।
शपथ ग्रहण में ‘वंदे मातरम्’ की गूंज
विजय के शपथ ग्रहण समारोह में एक ऐसी चीज हुई जो आमतौर पर तमिलनाडु की राजनीति में कम ही देखने को मिलती है। कार्यक्रम में ‘तमिल थाई वाज़्थु’ के साथ-साथ ‘वंदे मातरम्’ को भी पूरा सम्मान दिया गया। सोशल मीडिया पर लोग इस बात की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि नए Tamil Nadu CM ने राज्य की अस्मिता और राष्ट्रवाद के बीच एक बेहतरीन तालमेल बिठाने की कोशिश की है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
गठबंधन की बैसाखी पर टिकी सरकार
चुनावों की बात करें तो विजय की पार्टी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, बहुमत के लिए 118 का जादुई आंकड़ा जरूरी था। ऐसे में नए Tamil Nadu CM को सरकार बनाने के लिए कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई-एम और वीसीके जैसे दलों का साथ मिला है। अब विजय के सामने सबसे बड़ी चुनौती 13 मई तक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने की होगी। उनके साथ 9 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली है।
सोशल मीडिया पर छाया ‘नया तमिलनाडु’
शपथ ग्रहण के वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग विजय को ‘जननेता’ बता रहे हैं। एक्स (X) पर एम नियास अहमद जैसे कई लोगों ने लिखा कि समारोह में वंदे मातरम् और जन गण मन का जिस तरह सम्मान हुआ, वह तमिलनाडु के लिए एक नई और सकारात्मक शुरुआत है। बतौर Tamil Nadu CM विजय से अब लोगों को काफी उम्मीदें हैं, खासकर युवाओं को जो राज्य में बदलाव चाहते थे।
क्या बदल जाएगी तमिलनाडु की राजनीतिक दिशा?
विजय का मुख्यमंत्री बनना केवल एक व्यक्ति की जीत नहीं है, बल्कि एक विचार की जीत मानी जा रही है। लंबे समय बाद तमिलनाडु में किसी गैर-द्रविड़ पार्टी की सरकार बनी है। Tamil Nadu CM के रूप में विजय को अब प्रशासनिक स्तर पर खुद को साबित करना होगा। क्या वे फिल्मों की तरह ही राजनीति में भी ‘सुपरहिट’ साबित होंगे? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन उनके शपथ ग्रहण के अंदाज ने यह साफ कर दिया है कि उनकी कार्यशैली पुरानी सरकारों से काफी अलग होने वाली है। थलापति विजय के रूप में तमिलनाडु को एक ऐसा चेहरा मिला है जो युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। Tamil Nadu CM के तौर पर उनकी पहली प्राथमिकता राज्य का विकास और लोगों का भरोसा जीतना होगा। वंदे मातरम् की गूंज के साथ शुरू हुआ यह सफर तमिलनाडु की राजनीति को किस मोड़ पर ले जाता है, यह देखना वाकई दिलचस्प होगा।
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