अरुणाचल प्रदेश मंत्री ने मेरठ के केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान का दौरा किया, गोवंश संसाधनों के सतत विकास पर हुई चर्चा

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मेरठ: अरुणाचल प्रदेश के पशुपालन, पशुचिकित्सा एवं डेयरी विकास मंत्री गैब्रियल डी. वांग्सू ने मेरठ स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान का हाल ही में दौरा किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य “अरुणाचल प्रदेश में गोवंश संसाधनों का सतत विकास” पर चर्चा करना और संस्थान की आधुनिक अनुसंधान सुविधाओं और प्रयोगशालाओं का निरीक्षण करना था। मंत्री ने संस्थान के विभिन्न अनुसंधान इकाइयों का दौरा करते हुए वहां किए जा रहे वैज्ञानिक प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे सहयोग से अरुणाचल प्रदेश में गोवंश संसाधनों के विकास को नई दिशा मिलेगी।

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इस अवसर पर आयोजित संवादात्मक बैठक में दोनों पक्षों ने संभावित सहयोग के क्षेत्रों पर चर्चा की और साझा कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति जताई। मंत्री गैब्रियल डी. वांग्सू ने कहा कि केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अरुणाचल प्रदेश के पशुपालकों की उत्पादकता और आय में वृद्धि संभव होगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में गोवंश संसाधनों का सतत और वैज्ञानिक विकास केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे किसानों और ग्रामीण समुदायों की जीवनशैली में सुधार और पारंपरिक कृषि व पशुपालन पद्धतियों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

इस दौरे के दौरान केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने मंत्री को संस्थान के अनुसंधान प्रयोगों, नस्ल सुधार, पोषण एवं प्रजनन तकनीकों की जानकारी दी। दोनों पक्षों ने डेयरी उत्पादन, स्वास्थ्य प्रबंधन और गोवंश संरक्षण के क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं पर विचार किया। मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक और स्थानीय संसाधनों के संयोजन से गोवंश संसाधनों के सतत विकास को सुनिश्चित किया जा सकता है।

गैब्रियल डी. वांग्सू ने यह भी कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और तकनीकी सहायता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस सहयोग से अरुणाचल प्रदेश में डेयरी और गोवंश आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से न केवल गोवंश संसाधनों का संरक्षण होगा, बल्कि पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय अनुसंधान संस्थान के साथ राज्य सरकार का यह सहयोग मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरक साबित हो सकता है। इसके माध्यम से ग्रामीण विकास, वैज्ञानिक पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में सतत प्रगति सुनिश्चित की जा सकेगी। मंत्री के इस दौरे ने दोनों पक्षों के बीच मजबूत साझेदारी की नींव रखी और गोवंश संसाधनों के सतत विकास के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोला।

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