मेटा प्लेटफॉर्म्स के Instagram के शीर्ष कार्यकारी ने एक सुनवाई के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उन फीचर्स से जुड़े फैसलों का बचाव किया है, जिन्हें कंपनी के कुछ अंदरूनी सूत्रों ने युवा उपयोगकर्ताओं के लिए हानिकारक बताया था। यह सुनवाई इस दावे पर हो रही है कि इस ऐप ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य संकट को बढ़ावा देने में मदद की।
मुकदमे और गवाही की मुख्य बातें
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एडम मोसेरी की गवाही: Instagram चीफ एडम मोसेरी ने लॉस एंजिल्स में उस मुकदमे के तहत गवाही दी, जिसे वादी (plaintiffs) बच्चों और युवाओं में “सोशल मीडिया की लत” कहते हैं।
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मार्क जकरबर्ग की गवाही: मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग के भी आने वाले हफ्तों में गवाही देने की उम्मीद है।
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मुकदमे की पृष्ठभूमि: कैलिफोर्निया की एक महिला, जिसने 9 साल की उम्र में Instagram का इस्तेमाल शुरू किया था, मेटा और गूगल के यूट्यूब के खिलाफ मुकदमा लड़ रही है। उसका कहना है कि इन कंपनियों ने यह जानने के बावजूद कि सोशल मीडिया उनके मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है, कम उम्र के बच्चों को अपनी सेवाओं का आदी बनाकर मुनाफा कमाने की कोशिश की। वह आरोप लगाती है कि इन प्लेटफॉर्म्स के कारण उसे डिप्रेशन और बॉडी डिस्मॉर्फिया हुआ।
फोटो फिल्टर और आंतरिक चर्चाएं
अदालत में दिखाए गए ईमेल के अनुसार, 2019 में मोसेरी और Instagram के अन्य अधिकारियों के बीच इस बात पर चर्चा हो रही थी कि क्या प्लास्टिक सर्जरी के प्रभाव की नकल करने वाले फोटो फिल्टर पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया जाए।
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टीमों की राय: Instagram की पॉलिसी, कम्युनिकेशंस और वेल-बीइंग (well-being) पर काम करने वाली टीमों की राय थी कि किशोरियों को होने वाले संभावित नुकसान के बारे में अधिक डेटा एकत्र करने तक इस प्रतिबंध को जारी रखा जाना चाहिए।
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निक क्लेग का बयान: मेटा के तत्कालीन उपाध्यक्ष (वैश्विक मामले) निक क्लेग ने कहा था कि अगर कंपनी प्रतिबंध हटाती है, तो उस पर “जिम्मेदारी के बजाय विकास (growth) को प्राथमिकता देने” का आरोप लगाया जाएगा, और वह सही भी होगा।
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मोसेरी और जकरबर्ग का रुख: मोसेरी और जकरबर्ग प्रतिबंध को हटाने के पक्ष में थे, लेकिन उन्होंने ऐप के रिकमेंडेशन सेक्शन से इन फिल्टर को हटाने का विकल्प चुना। ईमेल में इस विकल्प को “वेल-बीइंग के लिए एक बड़ा जोखिम” बताया गया था, लेकिन इससे उपयोगकर्ता वृद्धि (user growth) पर कम प्रभाव पड़ता।
अदालत में मोसेरी ने कहा, “मैं सभी अलग-अलग विचारों और चिंताओं को संतुलित करने की कोशिश कर रहा था।” उन्होंने आगे कहा कि वह उस अंतिम निर्णय से सहमत थे, जिसके तहत यूजर्स के लिए उन्हें प्रमुखता से दिखाए बिना चेहरे का रूप बदलने वाले (face-altering) फिल्टर की अनुमति दी गई, लेकिन प्लास्टिक सर्जरी को खुले तौर पर बढ़ावा देने वाले फिल्टर पर प्रतिबंध लगा दिया गया। उन्होंने कहा, “हमारी नीतियां, हमारे उत्पादों की तरह, हर समय विकसित होती रहती हैं। हम सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करते हैं।”

वैश्विक स्तर पर बच्चों की सुरक्षा और मुकदमेबाजी
बच्चों के लिए सोशल मीडिया तक पहुंच अब वैश्विक स्तर पर एक बड़ा मुद्दा बन गया है:
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अंतरराष्ट्रीय कदम: दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया, 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इन प्लेटफॉर्म्स के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश बन गया। स्पेन, ग्रीस, ब्रिटेन और फ्रांस उन कई देशों में शामिल हैं जो ऐसा ही कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।
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अमेरिका में मुकदमेबाजी: अमेरिका में मेटा, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को परिवारों, स्कूल जिलों (school districts) और राज्य के अटॉर्नी जनरलों के मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है।
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जुरी का निर्णय: लॉस एंजिल्स की जूरी द्वारा कंपनियों को उत्तरदायी (liable) ठहराए जाने के लिए, यह साबित करना होगा कि मेटा और यूट्यूब प्लेटफॉर्म को डिजाइन या संचालित करने में लापरवाही बरत रहे थे, और उनके उत्पाद महिला के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने में एक बड़ा कारक थे।
कई माता-पिता, जिनका मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के कारण उनके बच्चों की मौत हुई, अदालत के दर्शकों की पहली पंक्ति में बैठे थे। विक्टोरिया हिंक्स, जिनकी 16 साल की बेटी ने आत्महत्या कर ली थी, ने कहा कि उनके बच्चे सिलिकॉन वैली की “तेजी से आगे बढ़ो और चीजों को तोड़ो” (move fast and break things) संस्कृति के “संपार्श्विक नुकसान” (collateral damage) रहे हैं। उन्होंने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा, “हमारे बच्चे पहले गिनी पिग थे।”

मोसेरी ने अपनी गवाही में कहा कि जकरबर्ग द्वारा गढ़ा गया कंपनी का शुरुआती आदर्श वाक्य “तेजी से आगे बढ़ो और चीजों को तोड़ो,” अब उचित नहीं है।
कानूनी परीक्षण और आगे की कार्यवाही
यह मामला अमेरिका के एक ऐसे कानून की एक महत्वपूर्ण परीक्षा है जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को उपयोगकर्ता द्वारा बनाई गई सामग्री (user-created content) के लिए उत्तरदायित्व से बचाता है। इस कानून ने लंबे समय तक Instagram कंपनियों को मुकदमों से बचाया है। इस मामले का परिणाम यह तय करेगा कि कंपनियां अमेरिका में सैकड़ों अन्य समान मुकदमों पर कैसे प्रतिक्रिया देंगी।
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मेटा का रुख: मेटा के वकीलों ने अदालत में पेश किए गए कुछ सबूतों पर आपत्ति जताते हुए इसी कानून का हवाला दिया। यदि कंपनी ट्रायल हार जाती है, तो वह अपील पर इस मुद्दे को उठा सकती है।
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अगली सुनवाई: इस मुकदमे की सुनवाई शुक्रवार को जारी रहने वाली है।
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