पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों ने इस बार सबको हैरान कर दिया है। राज्य में BJP की बड़ी जीत के बाद न केवल बंगाल, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी जश्न का माहौल है। कार्यकर्ताओं की खुशी और नेताओं के उत्साह ने इस जीत को और भी खास बना दिया है। पश्चिम बंगाल में BJP की शानदार परफॉर्मेंस का असर लखनऊ की सड़कों पर साफ नजर आया। जैसे ही रुझान नतीजों में बदलने लगे, यूपी के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस जीत पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने सोमवार शाम लखनऊ में कैबिनेट मीटिंग से ठीक पहले अपने मंत्रियों का मुंह मीठा कराया। सीएम योगी का मानना है कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के विश्वास ने ही इस बड़ी जीत का रास्ता साफ किया है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ का बंगाल में प्रभाव
राजनीतिक जानकारों की मानें तो बंगाल में BJP के पक्ष में माहौल तैयार करने में सीएम योगी की रैलियों का बड़ा हाथ रहा है। उन्होंने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कई ताबड़तोड़ जनसभाएं और रोड शो किए थे। खास बात यह है कि जिन क्षेत्रों में योगी आदित्यनाथ ने प्रचार किया था, वहां पार्टी को अच्छी बढ़त मिली है। यही वजह है कि यूपी के BJP खेमे में इस जीत को लेकर एक अलग ही जोश देखने को मिल रहा है।

लखनऊ भाजपा जश्न: मुख्यालय पर दिवाली जैसा नजारा
पश्चिम बंगाल BJP जीत की आधिकारिक घोषणा होते ही लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में उत्सव शुरू हो गया। दोपहर होते-होते कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ता थिरकते नजर आए और जमकर आतिशबाजी हुई। उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री, ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य भी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे। उन्होंने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी और इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत को दिया।

बंगाल की इस जीत ने यूपी के भाजपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी है। लखनऊ के पार्टी मुख्यालय में दिखा यह उत्साह बताता है कि राजनीतिक रूप से यह जीत पार्टी के लिए कितनी अहमियत रखती है। आने वाले समय में इसका असर उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।







