UP Police भर्ती: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खबर है। पुलिस भर्ती की आस लगाए बैठे अभ्यर्थियों को ठगने वाले एक गिरोह का एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह दरोगा और होमगार्ड भर्ती परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर मासूम छात्रों से लाखों रुपये वसूल रहा था। एसटीएफ ने इस मामले में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दो मुख्य आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार किया है।
टेलीग्राम पर बनाया था ठगी का जाल
यह पूरा खेल सोशल मीडिया के जरिए खेला जा रहा था। एसटीएफ की कार्रवाई में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने टेलीग्राम पर “UPSI EXAM PAPER” नाम से एक चैनल बनाया था। इस चैनल के माध्यम से दावा किया जाता था कि उनके पास परीक्षा का असली प्रश्नपत्र है। 14 और 15 मार्च 2026 को आयोजित हुई UP Police भर्ती की उपनिरीक्षक परीक्षा से ठीक पहले, यह गिरोह सक्रिय हो गया था और अभ्यर्थियों को जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूल रहा था।
बिहार के मुजफ्फरपुर से पकड़े गए आरोपी
एसटीएफ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जब जांच शुरू की, तो इसके तार बिहार से जुड़े मिले। टीम ने मुजफ्फरपुर के रहने वाले अमन कुमार को गिरफ्तार किया है। अमन के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है, जिससे वह टेलीग्राम चैनल चला रहा था। पूछताछ में अमन ने कबूल किया कि वह अपने साथियों सूर्यांश और सतीश के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम देता था और वसूला गया पैसा सीधे उसके बैंक खाते में आता था।
होमगार्ड भर्ती परीक्षा में भी की थी सेंधमारी
हैरानी की बात यह है कि यह गिरोह केवल एक ही परीक्षा तक सीमित नहीं था। पिछले महीने हुई होमगार्ड भर्ती परीक्षा में भी इन्होंने इसी तरह अभ्यर्थियों को निशाना बनाया था। इस मामले में एसटीएफ ने बिहार के ही निखिल ठाकुर को गिरफ्तार किया है, जो सिद्धार्थ मिश्रा नाम के शख्स के साथ मिलकर छात्रों को पेपर लीक का झांसा दे रहा था। पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क और बाकी साथियों की तलाश में जुटी है।
किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते समय हमें अपनी मेहनत पर भरोसा रखना चाहिए। सोशल मीडिया पर पेपर लीक का झांसा देने वाले ये लोग सिर्फ आपका पैसा नहीं, बल्कि आपका कीमती साल और भविष्य भी खराब कर देते हैं। एसटीएफ की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सरकार ऐसी धोखाधड़ी को लेकर बेहद सख्त है। अगर आपको भी ऐसा कोई संदिग्ध चैनल या व्यक्ति दिखे, तो तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दें।




