क्या आपने देखा समुद्र के नीचे लहराता Tiranga? भारत ने बनाया Guinness world record, 200 गोताखोरों ने रचा इतिहास!

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Guinness world record: क्या आपने कभी सोचा था कि हमारा तिरंगा सिर्फ आसमान की ऊंचाइयों में ही नहीं, बल्कि समंदर की अगाध गहराइयों में भी उतनी ही शान से लहरा सकता है? जी हां, भारत ने वह कर दिखाया है जो अब तक दुनिया का कोई भी देश नहीं कर पाया था। अंडमान के नीले पानी के नीचे भारत ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि हर हिंदुस्तानी के लिए गर्व का एक नया अध्याय है।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बना अनोखा रिकॉर्ड

यह ऐतिहासिक कारनामा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के मशहूर राधानगर बीच पर अंजाम दिया गया। यहां समुद्र के भीतर दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया है। इस तिरंगे का आकार जानकर आप हैरान रह जाएंगे—यह करीब 60 मीटर लंबा और 40 मीटर चौड़ा है। इतने विशाल ध्वज को पानी के नीचे सुरक्षित तरीके से स्थापित करना अपने आप में इंजीनियरिंग और जज्बे का एक बेहतरीन मेल है। इस सफल कोशिश के साथ ही भारत का नाम Guinness world record में दर्ज हो गया है।

Guinness world record

200 से अधिक गोताखोरों की मेहनत लाई रंग

इतने बड़े झंडे को पानी के नीचे ले जाना और उसे वहां फहराना कोई मामूली बात नहीं थी। इस पूरे मिशन को सफल बनाने के लिए 200 से ज्यादा प्रशिक्षित स्कूबा डाइवर्स (गोताखोरों) ने दिन-रात एक कर दिया। इसमें भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और स्थानीय प्रशासन का भी पूरा सहयोग रहा। पानी के बहाव और दबाव के बीच तालमेल बिठाना सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन हमारी टीम की सटीक प्लानिंग ने इसे मुमकिन कर दिखाया।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बूस्ट

इस तरह के रिकॉर्ड्स सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इनका सीधा फायदा जमीन पर दिखता है। अंडमान अब ग्लोबल टूरिज्म मैप पर और भी मजबूती से उभरेगा। जब दुनिया भर के सैलानी इस अनोखे रिकॉर्ड के बारे में सुनेंगे, तो यहां एडवेंचर टूरिज्म और स्कूबा डाइविंग का क्रेज और बढ़ेगा। इसका सीधा फायदा स्थानीय लोगों के रोजगार, होटल बिजनेस और वहां की अर्थव्यवस्था को होगा।

Guinness world record

पर्यावरण और एडवेंचर का सही तालमेल

भारत ने इस पहल के जरिए एक और जरूरी संदेश दिया है। समंदर के अंदर इतनी बड़ी गतिविधि के दौरान इस बात का पूरा ख्याल रखा गया कि समुद्री जीवन और वहां के इको-सिस्टम को कोई नुकसान न पहुंचे, यह दिखाता है कि हम तरक्की और रिकॉर्ड बनाने के साथ-साथ अपनी प्रकृति और पर्यावरण के प्रति भी उतने ही गंभीर हैं।

रिकॉर्ड्स का सफर अभी थमा नहीं है

इस मिशन को पूरा करने वाली टीम के हौसले अभी भी बुलंद हैं। बताया जा रहा है कि अगला लक्ष्य पानी के भीतर इंसानों द्वारा बनाया गया सबसे ऊंचा ढांचा तैयार करने का है। यानी आने वाले समय में अंडमान से हमें और भी कई बड़ी खबरें सुनने को मिल सकती हैं।

Guinness world record

समुद्र की गहराई में लहराता यह तिरंगा भारत की नई सोच और हिम्मत का जीता-जागता सबूत है। इसने साबित कर दिया है कि अगर इरादे नेक और हौसले फौलादी हों, तो आसमान क्या, समंदर भी हमारे आगे सिर झुकाता है। यह रिकॉर्ड हमें याद दिलाता रहेगा कि भारत अब हर क्षेत्र में दुनिया की कमान संभालने को तैयार है।

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