उत्तर प्रदेश के Kushinagar जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए आईएसआईएस (ISIS) से जुड़े एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। यूपी एटीएस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर शनिवार देर शाम पडरौना कोतवाली क्षेत्र के छावनी ईरानी मोहल्ला से रिजवान नाम के युवक को हिरासत में लिया। Kushinagar में हुई इस अचानक छापेमारी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

पुराने रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियां
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, रिजवान का इतिहास काफी विवादित रहा है। उसका नाम पहली बार साल 2015 में आईएसआईएस से जुड़े एक मामले में सामने आया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। वह 2017 से 2023 तक एक कथित ब्लास्ट कांड के सिलसिले में जेल में भी बंद रहा। Kushinagar के इस युवक पर जेल से रिहा होने के बाद भी सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर रख रही थीं, क्योंकि उसकी गतिविधियां एक बार फिर संदिग्ध पाई गई थीं।

युवाओं का ब्रेनवाश करने का आरोप
जांच में यह बात सामने आई है कि Kushinagar का रहने वाला यह संदिग्ध जेल से छूटने के बाद दोबारा सक्रिय हो गया था। वह सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संपर्कों के जरिए स्थानीय युवाओं का ब्रेनवाश करने की कोशिश कर रहा था ताकि अपना नेटवर्क दोबारा खड़ा कर सके। Kushinagar में हुई इस गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने रिजवान के पास से विस्फोटक तैयार करने वाली सामग्री, कई संदिग्ध दस्तावेज और भारी मात्रा में कट्टरपंथी साहित्य बरामद किया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, वह वहां के लिए वांछित था और उसके खिलाफ क्राइम संख्या 80/26 के तहत विस्फोटक अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। रिजवान के पिता निजामुद्दीन का कहना है कि अगर उनका बेटा दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए।
दिल्ली पुलिस ले गई ट्रांजिट रिमांड पर
गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल रिजवान को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई है। अब दिल्ली में उससे कड़ी पूछताछ की जाएगी ताकि उसके संपर्कों और भविष्य की किसी भी बड़ी साजिश का पता लगाया जा सके। Kushinagar प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि जिले में उसके और कितने मददगार सक्रिय थे। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में कुछ और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
Kushinagar में हुई यह कार्रवाई सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी कामयाबी है। रिजवान जैसे संदिग्धों का दोबारा सक्रिय होना एक गंभीर चिंता का विषय है, लेकिन एटीएस और पुलिस की मुस्तैदी ने एक संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया है।
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