Gorakhpur: पूर्वांचल में रेल यात्रा करने वालों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। भटनी से औंड़िहार के बीच चल रहे डबल लाइन के काम ने अब रफ्तार पकड़ ली है और जल्द ही इस रूट पर ट्रेनों का सफर और भी आसान होने वाला है। रेलवे प्रशासन ने हाल ही में पिवकोल से लार रोड तक के नए ट्रैक पर ट्रायल पूरा कर लिया है, जिससे गोरखपुर और वाराणसी के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय Gorakhpur से जुड़े रेल नेटवर्क में एक बड़ा सुधार देखने को मिल रहा है। रेल संरक्षा आयुक्त ने पिवकोल से लार रोड के बीच करीब 14.53 किमी लंबी डबल लाइन पर ट्रेन चलाने की हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने से गोरखपुर अब वाराणसी और प्रयागराज से सीधे डबल रेल लाइनों के जरिए जुड़ जाएगा। इससे न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि ट्रैक खाली मिलने के लिए यात्रियों को स्टेशनों पर होने वाले अनावश्यक इंतजार से भी छुटकारा मिलेगा।

दिसंबर तक पूरा होगा 117 किमी का मिशन
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, भटनी-औंड़िहार खंड के दोहरीकरण का काम इसी साल दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार भटनी-औंड़िहार खंड के विद्युतीकरण सहित दोहरीकरण का कार्य 1177.96 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस दोहरीकरण परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इस 117 किमी लंबे मार्ग पर अब तक 89 किमी का काम खत्म हो चुका है।
Gorakhpur से होकर गुजरने वाली ट्रेनों के लिए यह रूट काफी अहम है क्योंकि इससे लाइन क्षमता बढ़ेगी। जब यह पूरा रेलखंड डबल हो जाएगा, तो Gorakhpur की ओर से आने-जाने वाली ट्रेनों को पासिंग और क्रॉसिंग के लिए घंटों खड़ा नहीं रहना पड़ेगा, जिससे यात्रा के समय में काफी बचत होगी।

क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति
इस परियोजना पर लगभग 1177.96 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। Gorakhpur से पनियहवा और बढ़नी-गोंडा रेलमार्ग के दोहरीकरण का काम भी तेजी से शुरू हो चुका है। अन्तर्गत पिवकोल-लार रोड खंड के दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। भटनी-औंड़िहार डबल लाइन परियोजना के अन्तर्गत कीड़िहरापुर-इंदारा, सदात-औंड़िहार, भटनी-पिवकोल, बेलथरा रोड-कीड़िहरापुर, दुल्लहपुर-सादात, मऊ-दुल्लहपुर खंडों सहित कुल 89 किमी रेलमार्ग का कार्य पूरा हो चुका है।
परियोजना के अंतिम चरण में सलेमपुर-बेलथरा रोेड (13.00 किमी) खंड के दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। इस परियोजना में घाघरा नदी पर तुर्तीपार रेल पुल का निर्माण कार्य शामिल हैं, जो तीव्र गति से चल रहा है। बाराबंकी-गोंडा-गोरखपुर-छपरा 425 किमी रेलमार्ग का दोहरीकरण पहले ही हो चुका है।
रेलवे का यह कदम Gorakhpur और पूरे पूर्वांचल के यात्रियों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। डबल लाइन होने से न केवल ट्रेनों का संचालन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र के तेजी से विकास का रास्ता भी साफ होगा। यह बदलाव दिखाता है कि भारतीय रेल अब आधुनिक और तेज सफर की ओर बढ़ रही है। उम्मीद है कि दिसंबर तक यह काम पूरा हो जाएगा और Gorakhpur के लोगों को एक बेहतर रेल सेवा का अनुभव मिलेगा। सुरक्षित रहें और अपनी रेल यात्रा का आनंद लें।
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