क्रिकेट के मैदान पर अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी और लंबे छक्कों से दुनिया को दीवाना बनाने वाले Rinku Singh अब एक बिल्कुल नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। अलीगढ़ की तंग गलियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सफर तय करने वाले इस खिलाड़ी को अब उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी है। आज लखनऊ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रिंकू सिंह को रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर (RSO) के पद का नियुक्ति पत्र सौपेंगे। यह खबर न केवल रिंकू के फैंस के लिए, बल्कि यूपी के उन तमाम युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो खेल को अपना करियर बनाना चाहते हैं।
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रिंकू सिंह का अलीगढ़ से लखनऊ तक का सफर
रिंकू सिंह की कहानी संघर्ष और जज्बे की मिसाल है। उन्होंने सालों तक घरेलू क्रिकेट में पसीना बहाया और फिर आईपीएल में अपनी फिनिशिंग स्किल्स से सबका ध्यान खींचा। हाल के दिनों में उनके निजी जीवन में काफी उतार-चढ़ाव भी आए। पिता के निधन के बाद भी उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा, जिसे देख खेल प्रेमियों ने उनकी खूब सराहना की थी। इसके अलावा, Rinku Singh अपनी सगाई को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। सपा सांसद प्रिया सरोज के साथ उनकी सगाई के समारोह में अखिलेश यादव सहित कई दिग्गज पहुंचे थे। अब सरकारी नौकरी मिलने के बाद उनके प्रशंसकों को बस उनकी शादी का इंतजार है।
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नौकरी को लेकर पहले हुआ था विवाद
आपको याद होगा कि जनवरी 2025 में भी रिंकू सिंह को खेल कोटे के तहत बेसिक शिक्षा विभाग में बीएसए बनाने की चर्चा हुई थी। उस समय विशेष नियमावली के तहत उनका चयन प्रस्तावित था, लेकिन उनकी शैक्षिक योग्यता को लेकर कुछ तकनीकी विवाद खड़े हो गए थे। इस वजह से उस प्रक्रिया पर रोक लगानी पड़ी थी। हालांकि, सरकार ने अब रास्ता साफ करते हुए Rinku Singh को खेल विभाग में ही नई भूमिका दी है। अब वे न केवल खेलेंगे, बल्कि रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर के तौर पर यूपी में खेलों के विकास और प्रबंधन में भी अपना योगदान देंगे।
सिर्फ रिंकू ही नहीं, कई खिलाड़ी बने अफसर
आज का दिन लखनऊ के लिए और यूपी के खेल जगत के लिए बहुत बड़ा है। मुख्यमंत्री रिंकू सिंह के अलावा कुल 14 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौपेंगे। हॉकी के स्टार खिलाड़ी राजकुमार पाल को उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी (DSP) बनाया जाएगा। वहीं, पेरिस पैरालिंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले प्रवीण कुमार को भी पुलिस विभाग में डिप्टी एसपी का पद मिलेगा। इसके अलावा, पैरालिंपिक में मेडल जीतने वाले अजीत सिंह को जिला पंचायत राज अधिकारी और एथलीट प्रतिपाल को खंड विकास अधिकारी (BDO) नियुक्त किया जाएगा।
लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड से सम्मान
नौकरियों के साथ-साथ सरकार ने खिलाड़ियों के सम्मान का भी पूरा ख्याल रखा है। आज के समारोह में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले 9 खिलाड़ियों को ‘लक्ष्मण’ और ‘रानी लक्ष्मीबाई’ अवॉर्ड से नवाजा जाएगा। यह प्रदेश का सबसे प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार माना जाता है। Rinku Singh जैसे खिलाड़ियों को मिलने वाली यह पहचान दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश सरकार की नई खेल नीति अब धरातल पर उतर रही है। इससे उन खिलाड़ियों को भविष्य की सुरक्षा का अहसास होगा जो मैदान पर अपना पूरा जीवन लगा देते हैं।
युवाओं के लिए नई उम्मीद और संदेश
स्पोर्ट्स अधिकारियों का कहना है कि Rinku Singh की यह नियुक्ति केवल एक नौकरी नहीं है, बल्कि एक बड़ा संदेश है। जब गांव-देहात का युवा यह देखेगा कि मेडल जीतने पर या देश का नाम रोशन करने पर उसे सीधा सरकारी पद और सम्मान मिल सकता है, तो वह खेल को करियर के रूप में अपनाने से हिचकिचाएगा नहीं। Rinku Singh अब एक खिलाड़ी के साथ-साथ एक प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका में खेल के मैदानों की कमियों को दूर करने और नए टैलेंट को तराशने में मदद कर सकेंगे।
Rinku Singh की यह नई शुरुआत उनके करियर का एक गौरवशाली अध्याय है। खेल के मैदान पर मैच खत्म करने वाले रिंकू अब दफ्तर की फाइलों और खेल मैदानों के प्रबंधन के बीच तालमेल बिठाएंगे। यूपी सरकार की यह पहल काबिल-ए-तारीफ है क्योंकि इससे खिलाड़ियों को वित्तीय सुरक्षा के साथ-साथ समाज में एक ऊंचा मुकाम भी मिलता है। उम्मीद है कि Rinku Singh अपनी इस नई जिम्मेदारी को भी उसी ईमानदारी से निभाएंगे, जैसी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में दिखाई है।



