अजमेर/जयपुर: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने आज कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं, और जैसा कि उम्मीद थी, इस बार भी ‘महारो राजस्थान’ की बेटियों ने शिक्षा के मैदान में अपना परचम लहराया है। अजमेर स्थित बोर्ड मुख्यालय से जारी आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों के छात्रों ने कड़ी मेहनत से सफलता की नई इबारत लिखी है। इस साल का कुल पास प्रतिशत 93.60% रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है उन चमकते सितारों की, जिन्होंने 99 फीसदी से ज्यादा अंक हासिल कर इतिहास रच दिया है।
शेखावटी की प्रियांशी बनीं प्रदेश की ‘मिसाल’
राजस्थान बोर्ड ने हालांकि इस साल भी आधिकारिक तौर पर राज्य स्तरीय मेरिट लिस्ट या टॉपर्स की सूची जारी नहीं करने की अपनी परंपरा को कायम रखा है, लेकिन हमारे ग्राउंड रिपोर्टर्स ने स्कूलों से जो आंकड़े जुटाए हैं, वे बेहद सुखद हैं। सीकर के शेखावटी पब्लिक स्कूल की छात्रा प्रियांशी ने कुल 500 अंकों में से 499 अंक हासिल किए हैं। मात्र 1 नंबर की चूक ने उन्हें शत-प्रतिशत स्कोर से दूर रखा, लेकिन उनकी इस उपलब्धि ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। प्रियांशी की इस सफलता पर उनके घर और स्कूल में जश्न का माहौल है। ढोल-नगाड़ों के साथ मिठाई बांटी जा रही है और हर कोई इस ‘बिटिया’ की मेहनत की मिसाल दे रहा है।
झुंझुनू और नागौर के छात्रों ने भी गाड़े झंडे
केवल प्रियांशी ही नहीं, झुंझुनू की रहने वाली अनन्या ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। रानीसती गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की इस छात्रा ने 598 (600 में से) अंक प्राप्त किए हैं। वहीं, नागौर के ऑक्सफोर्ड स्कूल के अभिषेक ने 597 अंक हासिल कर लड़कों की श्रेणी में अपनी धाक जमाई है। ये आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में शिक्षा का स्तर कितनी तेजी से सुधरा है। नागौर और झुंझुनू जैसे जिले, जो कभी केवल वीरों की धरती कहे जाते थे, अब ‘शिक्षा की काशी’ बनकर उभर रहे हैं।
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आंकड़ों की जुबानी: बेटियों ने फिर मारी बाजी
इस साल 10वीं की बोर्ड परीक्षा में करीब 10 लाख 71 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल हुए थे। बोर्ड के सचिव द्वारा जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि लड़कियों का पास प्रतिशत 94.08% रहा है, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 93.16% दर्ज किया गया। यानी लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों को करीब 1 फीसदी के अंतर से पछाड़ दिया है।
यह केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि उस बदलती सोच का परिणाम है जहाँ अब राजस्थान के दूर-दराज के गांवों में भी माता-पिता अपनी बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने भी सफल छात्रों को बधाई देते हुए कहा है कि यह परिणाम ‘नये राजस्थान’ की तस्वीर पेश करता है।
पिछले साल की तुलना में सुधार या गिरावट?
अगर हम साल 2024 के नतीजों से तुलना करें, तो इस बार का परिणाम लगभग स्थिर रहा है। पिछले साल भी पास प्रतिशत 93 फीसदी के आसपास था। हालांकि, प्रथम श्रेणी (First Division) से पास होने वाले छात्रों की संख्या में इस बार 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। यह इस बात का संकेत है कि छात्र अब केवल पास होने के लिए नहीं, बल्कि बेहतर स्कोर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। पिछले साल जैसलमेर की भावना ने 99.67% अंकों के साथ टॉप किया था, और इस साल प्रियांशी ने लगभग उसी स्तर को छूकर अपनी वरिष्ठों की विरासत को आगे बढ़ाया है।
रिजल्ट के बाद क्या? फेल हुए छात्र न हों निराश
हर साल रिजल्ट के साथ खुशियां तो आती हैं, लेकिन कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाते या एक-दो विषयों में पिछड़ जाते हैं। राजस्थान बोर्ड ऐसे छात्रों के लिए ‘सप्लीमेंट्री परीक्षा’ का विकल्प देता है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि एक परीक्षा का परिणाम आपके पूरे जीवन का फैसला नहीं कर सकता। अगर आप फेल हुए हैं या कम अंक आए हैं, तो यह रुकने का नहीं, बल्कि दोबारा दोगुनी ऊर्जा के साथ उठने का समय है। बोर्ड जल्द ही कंपार्टमेंट परीक्षाओं की तारीखों का एलान करेगा, जिससे छात्रों को अपना साल बचाने का एक और मौका मिलेगा।
अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका पर विशेष चर्चा
रिजल्ट के इस मौके पर शिक्षकों की मेहनत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विशेष रूप से सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने ‘मिशन 100’ जैसे अभियानों के जरिए कमजोर छात्रों पर जो ध्यान दिया, उसका असर नतीजों में साफ दिख रहा है। झुंझुनू और नागौर जैसे जिलों में शिक्षकों ने अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर छात्रों को तैयार किया। वहीं, अभिभावकों का बढ़ता विश्वास भी इस सफलता की बड़ी वजह है। प्रियांशी के पिता ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमने कभी उसे पढ़ाई के लिए दबाव नहीं दिया, बस उसे वह माहौल दिया जिसकी उसे जरूरत थी।”
कैसे चेक करें अपना रिजल्ट? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
अगर आपने अभी तक अपना स्कोरकार्ड नहीं देखा है, तो इन आसान चरणों का पालन करें:
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सबसे पहले Rajresults.nic.in या rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाएं।
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वहां ‘Main Examination Results 2025’ के लिंक पर क्लिक करें।
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अपना रोल नंबर सावधानी से दर्ज करें।
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कैप्चा कोड डालकर सबमिट करें।
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आपका डिजिटल स्कोरकार्ड सामने होगा, इसे डाउनलोड कर प्रिंट ले लें।
भविष्य की राह: 10वीं के बाद क्या चुनें?
10वीं का रिजल्ट केवल एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। अब छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौती विषय (Stream) चुनने की होगी। करियर काउंसलर्स का मानना है कि छात्रों को केवल अंकों के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी रुचि (Interest) के आधार पर साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स का चुनाव करना चाहिए। अगर प्रियांशी 499 अंक लाकर आर्ट्स लेना चाहती हैं, तो यह उनकी पसंद होनी चाहिए, न कि समाज का दबाव।


