उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में 20 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जो राज्य के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। इन प्रस्तावों में अयोध्या में एक विश्व स्तरीय मंदिर संग्रहालय, उद्योगों के लिए नई छूट नीति, और खेल, स्वास्थ्य, और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक फैसले शामिल हैं। आइए, इन फैसलों पर विस्तार से नज़र डालें और समझें कि ये यूपी के विकास में किस तरह योगदान करेंगे।
अयोध्या में भव्य मंदिर संग्रहालय
योगी कैबिनेट द्वारा मंजूरी प्राप्त प्रस्तावों में सबसे प्रमुख अयोध्या में एक भव्य मंदिर संग्रहालय का निर्माण है। अयोध्या, जो हिंदू धर्म के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, वहां एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंदिर संग्रहालय स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 52 एकड़ जमीन को सरकार द्वारा प्रदान किया गया है। इस संग्रहालय में मंदिरों के इतिहास और संस्कृति को दर्शाया जाएगा, जो न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ करेगा। यह परियोजना अयोध्या को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभारने में मदद करेगी।
उद्योगों के लिए एसजीएसटी और स्टांप ड्यूटी पर छूट
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने व्यवसायियों के लिए SGST और स्टांप ड्यूटी में छूट का बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत, मेरठ की मेसर्स पसवारा पेपर्स लिमिटेड को 65.67 लाख रुपये का लाभ दिया गया है। इस फैसले का उद्देश्य राज्य में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और निवेश को आकर्षित करना है। इसके अलावा, शाहजहांपुर और मथुरा की कंपनियों को भी औद्योगिक विकास नीति के तहत लाभ प्राप्त हुआ है।
बागपत में अंतरराष्ट्रीय योग केंद्र
सरकार ने बागपत में एक अंतरराष्ट्रीय योग एवं आरोग्य केंद्र बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह केंद्र PPP (Public Private Partnership) मॉडल पर बनेगा और राज्य सरकार द्वारा इसे निशुल्क भूमि दी जाएगी। इस केंद्र के निर्माण से न केवल योग के क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवा में भी सुधार होगा। यह केंद्र अंतरराष्ट्रीय मानकों पर बनेगा, जिससे प्रदेश में योग पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों का आना-जाना बढ़ेगा।
चंदौली में फोरलेन सड़क निर्माण
चंदौली जिले में 4.91 अरब रुपये की लागत से 29.67 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाने का प्रस्ताव भी कैबिनेट द्वारा मंजूर किया गया। यह सड़क सकलडीहा, चहनियां, सैदपुर होते हुए गाजीपुर जिले को जोड़ेगी। लंबे समय से इस सड़क के निर्माण की मांग उठ रही थी, और अब इसका निर्माण होने से यातायात में सुधार होगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
खेल और खिलाड़ियों के लिए नए कदम
योगी कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के खेल क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सीधी भर्ती की नियमावली में संशोधन किया गया है। अब इन खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, खेल अवधि और यात्रा को भी ड्यूटी के रूप में माना जाएगा। इससे खिलाड़ियों के प्रशिक्षण में समय की कोई कमी नहीं आएगी और वे अपने खेल के क्षेत्र में और अधिक सफलता प्राप्त कर सकेंगे।
जेल मैनुअल में सुधार
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश जेल मैनुअल 2022 में भी संशोधन किया है। इसके तहत, किसी भी बंदी के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा। यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो जेलों में बंदियों के अधिकारों की रक्षा करेगा और उन्हें समान न्याय मिलेगा।
आर्थिक और नीति सुधार
राज्य सरकार ने इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति-2005 और 2014 के तहत स्वीकृत और निष्क्रिय परियोजनाओं को निरस्त करने या उन्हें पूरा करने के लिए नीति को लागू करने का निर्णय लिया है। इससे बंद पड़ी आवासीय परियोजनाओं को फिर से सक्रिय किया जाएगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के हर मंडल मुख्यालय पर दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (DDRC) बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह निर्णय दिव्यांग जनों के पुनर्वास और सशक्तीकरण के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। राज्य सरकार इस केंद्र के संचालन के लिए अपने संसाधन प्रदान करेगी, जिससे दिव्यांग जनों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
विकास के नए आयाम
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि ये फैसले उत्तर प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में अहम कदम हैं। इन फैसलों से प्रदेश में निवेश, रोजगार, स्वास्थ्य, खेल, और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। इन सुधारों से न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि आम लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा।
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