विक्की कौशल एक बार फिर से अपनी अभिनय कला से सभी को चौंकाने वाले हैं। वह जल्द ही अमर कौशिक के निर्देशन में बन रही फिल्म 'महावतार' में भगवान परशुराम का किरदार निभाते नजर आएंगे। फिल्म की अनाउंसमेंट के बाद से ही इसके बारे में चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि यह फिल्म न केवल एक ऐतिहासिक कथा पर आधारित है, बल्कि इसमें विक्की कौशल के नए रूप को भी देखने का मौका मिलेगा। अभिनेता ने इस भूमिका के लिए अपनी जीवनशैली में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। विक्की, जो हमेशा अपनी भूमिका के प्रति समर्पण और मेहनत के लिए जाने जाते हैं, इस बार भगवान परशुराम के रूप में सटीक रूप से ढलने के लिए वह मांसाहारी भोजन छोड़ने के साथ-साथ शराब का सेवन भी पूरी तरह से बंद करेंगे।
फिल्म के लिए अपनी तैयारी के दौरान विक्की कौशल ने खुद को शाकाहारी बनाए रखने का निर्णय लिया है। इस फैसले को लेकर उनका मानना है कि भगवान परशुराम के रूप में वह दर्शकों के सामने एक नैतिक, आदर्श और धार्मिक रूप में पेश होना चाहते हैं। यह बदलाव विक्की का उनके किरदार के प्रति सम्मान और समर्पण को दर्शाता है। विक्की के करीबी सूत्रों के अनुसार, वह ‘महावतार’ के लिए अपनी पूरी जीवनशैली को एक नई दिशा दे रहे हैं। जबकि फिल्म की शूटिंग अगले साल से शुरू होनी है, विक्की वर्तमान में संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’ की शूटिंग में व्यस्त हैं।
यह भी पढ़ें : द ताज स्टोरी’ : इतिहास नहीं, एजेंडा दिखाने की कोशिश करती फिल्म
हालांकि विक्की कौशल के इस निर्णय पर किसी तरह का विवाद नहीं है, यह तरीका रणबीर कपूर से मेल खाता है, जिन्होंने फिल्म ‘रामायण‘ में भगवान श्रीराम का किरदार निभाने के लिए पहले ही शाकाहारी आहार अपना लिया था। रणबीर का यह कदम उस समय चर्चा का विषय बना था जब उन्हें भगवान राम की भूमिका के लिए काफी आलोचनाएं झेलनी पड़ी थीं, लेकिन उन्होंने इस विवाद को नजरअंदाज करते हुए अपनी भूमिका के लिए पूरी तरह से समर्पण दिखाया।
विक्की कौशल के लिए भी यह एक नई चुनौती है। उनकी पिछली फिल्म ‘छावा‘ में छत्रपति शंभाजी महाराज का किरदार निभाना दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सराहा गया था। उनकी यह भूमिका भी ऐतिहासिक और संघर्षपूर्ण थी, जिससे विक्की ने खुद को एक सशक्त और प्रभावशाली अभिनेता के रूप में स्थापित किया। अब, ‘महावतार’ में भगवान परशुराम का किरदार निभाना उनके लिए एक और महत्वपूर्ण कदम होगा।







