वीर बाल दिवस पर पीएम मोदी ने साहिबजादों के बलिदान को नमन किया

वीर बाल दिवस

Share This Article

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर बाल दिवस पर साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीर बाल दिवस के अवसर पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस श्रद्धा का वह दिन है, जो बहादुर साहिबजादों के सर्वोच्च बलिदान को याद करने के लिए समर्पित है। इस दिन को साहस, दृढ़ विश्वास और धर्मपरायणता का प्रतीक माना जाता है।

वीर बाल दिवस: साहस और धर्म का प्रतीक

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “वीर बाल दिवस श्रद्धा का दिन है, जो बहादुर साहिबजादों के बलिदान को याद करने के लिए समर्पित है। हम माता गुजरी जी के अटूट विश्वास और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की अमर शिक्षाओं को स्मरण करते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “वीर बाल दिवस साहस, दृढ़ विश्वास और धर्मपरायणता का प्रतीक है। साहिबजादों का जीवन और उनके आदर्श पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरणा देते रहेंगे।”

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने वीर बाल दिवस पर साहिबजादों के अमर बलिदान को शत-शत नमन किया। उन्होंने कहा, “कम आयु में धर्म, सत्य और साहस की जो मिसाल उन्होंने पेश की, वह युगों-युगों तक प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।”

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी वीर बाल दिवस पर साहिबजादों के अमर शहादत को नमन करते हुए कहा, “यह दिन केवल इतिहास का स्मरण नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी में संस्कार, साहस और राष्ट्रबोध के निर्माण का राष्ट्रीय संकल्प है।”

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने साहिबजादों के बलिदान को याद करते हुए कहा, “धर्म की रक्षा के लिए सर्वस्व बलिदान देने वाले साहिबजादों का अदम्य साहस, त्याग और देशप्रेम हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े रहने की शक्ति देता है। उनका बलिदान युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणा बना रहेगा।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्स पर लिखा, “राष्ट्र, धर्म और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले गुरु श्री गोबिन्द सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों के बलिदान दिवस ‘वीर बाल दिवस’ (साहिबजादा दिवस) पर उन्हें शत-शत नमन!”

वीर बाल दिवस की शुरुआत, साहिबजादों की शहादत और हिरासत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जनवरी 2022 को गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी। यह दिन हर वर्ष 26 दिसंबर को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे पुत्र साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह और साहिबजादा बाबा फतेह सिंह की शहादत की स्मृति में मनाया जाता है। सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के सबसे छोटे पुत्र साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह और साहिबजादा बाबा फतेह सिंह का जन्म आनंदपुर साहिब में हुआ था। 7 दिसंबर 1705 को ऐतिहासिक चमकौर की लड़ाई के दिन दोनों साहिबजादों को उनकी दादी माता गुजरी के साथ मुगलों के अधिकारियों ने मोरिंडा में हिरासत में ले लिया था। इन साहिबजादों ने धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी, और उनका बलिदान आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।

यह भी पढ़ें : काशी विश्वनाथ मंदिर में बढ़ी भीड़, स्पर्श दर्शन पर रोक, जानें क्या है नया नियम

साहिबजादों की प्रेरणा

वीर बाल दिवस न केवल साहस और त्याग का प्रतीक है, बल्कि यह हमें यह भी सिखाता है कि धर्म, सत्य और न्याय के लिए हमें किसी भी बलिदान से पीछे नहीं हटना चाहिए। आज भी साहिबजादों का बलिदान हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

Are You Satisfied DD News UP

Also Read This