प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर बाल दिवस पर साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीर बाल दिवस के अवसर पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस श्रद्धा का वह दिन है, जो बहादुर साहिबजादों के सर्वोच्च बलिदान को याद करने के लिए समर्पित है। इस दिन को साहस, दृढ़ विश्वास और धर्मपरायणता का प्रतीक माना जाता है।
वीर बाल दिवस: साहस और धर्म का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “वीर बाल दिवस श्रद्धा का दिन है, जो बहादुर साहिबजादों के बलिदान को याद करने के लिए समर्पित है। हम माता गुजरी जी के अटूट विश्वास और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की अमर शिक्षाओं को स्मरण करते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “वीर बाल दिवस साहस, दृढ़ विश्वास और धर्मपरायणता का प्रतीक है। साहिबजादों का जीवन और उनके आदर्श पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरणा देते रहेंगे।”
Veer Baal Diwas is a day of reverence, dedicated to remembering the sacrifice of the brave Sahibzades. We recall the unshakeable faith of Mata Gujri Ji and the immortal teachings of Sri Guru Gobind Singh Ji. This day is associated with courage, conviction and righteousness. Their…
— Narendra Modi (@narendramodi) December 26, 2025
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने वीर बाल दिवस पर साहिबजादों के अमर बलिदान को शत-शत नमन किया। उन्होंने कहा, “कम आयु में धर्म, सत्य और साहस की जो मिसाल उन्होंने पेश की, वह युगों-युगों तक प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।”
वीर बाल दिवस के अवसर पर धर्म पथ पर अडिग रहे वीर साहिबज़ादों के अमर बलिदान को शत्-शत् नमन।
कम आयु में भी उन्होंने धर्म, सत्य और साहस की जो मिसाल दी, वह युगों-युगों तक प्रेरणीय रहेगी। pic.twitter.com/okKMxvf2I2
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) December 26, 2025
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी वीर बाल दिवस पर साहिबजादों के अमर शहादत को नमन करते हुए कहा, “यह दिन केवल इतिहास का स्मरण नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी में संस्कार, साहस और राष्ट्रबोध के निर्माण का राष्ट्रीय संकल्प है।”
दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबजादों की अमर शहादत वह शौर्य गाथा है, जहाँ अल्प आयु पर अडिग संकल्प की विजय हुई। अन्याय और मजहबी कट्टरता के सम्मुख उनका अदम्य साहस धर्म और राष्ट्र की रक्षा का शाश्वत संदेश है।
साहिबजादों का सर्वोच्च बलिदान आज की युवा शक्ति के लिए… pic.twitter.com/EEFZ8yXE5v
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) December 26, 2025
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने साहिबजादों के बलिदान को याद करते हुए कहा, “धर्म की रक्षा के लिए सर्वस्व बलिदान देने वाले साहिबजादों का अदम्य साहस, त्याग और देशप्रेम हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े रहने की शक्ति देता है। उनका बलिदान युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणा बना रहेगा।”
धर्म की रक्षा हेतु सर्वस्व बलिदान देने वाले गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के साहिबजादों के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन!
उनका अदम्य साहस, त्याग और देशप्रेम हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े रहने की शक्ति प्रदान करता है। साहिबजादों का साहस और बलिदान युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। pic.twitter.com/J9GchY0Aed
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) December 26, 2025
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्स पर लिखा, “राष्ट्र, धर्म और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले गुरु श्री गोबिन्द सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों के बलिदान दिवस ‘वीर बाल दिवस’ (साहिबजादा दिवस) पर उन्हें शत-शत नमन!”
राष्ट्र, धर्म और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले गुरु श्री गोबिन्द सिंह जी महाराज के चार साहिबजादों के बलिदान दिवस ‘वीर बाल दिवस’ (साहिबजादा दिवस) पर उन्हें शत-शत नमन!
अदम्य साहस और वीरता की यह अमर गाथा युगों-युगों तक राष्ट्रभक्ति, धर्मनिष्ठा और… pic.twitter.com/UjzWe5Lx7C
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 26, 2025
वीर बाल दिवस की शुरुआत, साहिबजादों की शहादत और हिरासत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जनवरी 2022 को गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की थी। यह दिन हर वर्ष 26 दिसंबर को श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे पुत्र साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह और साहिबजादा बाबा फतेह सिंह की शहादत की स्मृति में मनाया जाता है। सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के सबसे छोटे पुत्र साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह और साहिबजादा बाबा फतेह सिंह का जन्म आनंदपुर साहिब में हुआ था। 7 दिसंबर 1705 को ऐतिहासिक चमकौर की लड़ाई के दिन दोनों साहिबजादों को उनकी दादी माता गुजरी के साथ मुगलों के अधिकारियों ने मोरिंडा में हिरासत में ले लिया था। इन साहिबजादों ने धर्म की रक्षा के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी, और उनका बलिदान आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।
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साहिबजादों की प्रेरणा
वीर बाल दिवस न केवल साहस और त्याग का प्रतीक है, बल्कि यह हमें यह भी सिखाता है कि धर्म, सत्य और न्याय के लिए हमें किसी भी बलिदान से पीछे नहीं हटना चाहिए। आज भी साहिबजादों का बलिदान हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।







