VB-G RAM JI एक्ट 2025 को लेकर BJP की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा का बयान। जानिए कैसे यह योजना ग्रामीण रोज़गार, विकास और आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करेगी।
शिमला। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने संसद के शीतकालीन सत्र में पारित विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार और जीविका मिशन (ग्रामीण) – VB-G RAM JI एक्ट, 2025 की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून सिर्फ़ रोज़गार देने की योजना नहीं, बल्कि गांवों के समग्र और स्थायी विकास का रोडमैप है।
VB-G RAM JI पर आयोजित एक राज्य-स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए रेखा वर्मा ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की और कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने ग्रामीण विकास के लिए एक दूरदर्शी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख मॉडल पेश किया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने की। इस अवसर पर रेखा वर्मा ने कहा कि यह योजना रोज़गार को सीधे ग्रामीण बुनियादी ढांचे, आजीविका और विकास परियोजनाओं से जोड़ती है। इससे गांवों में स्थायी विकास को बढ़ावा मिलेगा और शहरों की ओर होने वाले पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी।
MGNREGA से आगे की सोच
रेखा वर्मा ने कहा कि आज़ादी के बाद से ग्रामीण रोज़गार के लिए कई योजनाएं लाई गईं, जिनमें 1960-61 का ग्रामीण जनशक्ति कार्यक्रम और 2005 में शुरू हुई मनरेगा प्रमुख रहीं। मनरेगा ने लगभग दो दशकों तक अहम भूमिका निभाई, लेकिन बदलते सामाजिक-आर्थिक हालात में एक अधिक प्रभावी और विकास-आधारित योजना की ज़रूरत महसूस हुई, जिसके चलते VB-G RAM JI एक्ट अस्तित्व में आया।
उन्होंने बताया कि जहां मनरेगा में 100 दिनों के रोज़गार की गारंटी थी, वहीं VB-G RAM JI योजना 125 दिनों के काम की कानूनी गारंटी देती है और इसे सीधे विकास कार्यों से जोड़ा गया है।
तकनीक आधारित, जवाबदेह योजना
इस योजना के तहत ग्राम सभा स्तर पर विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी, जिन्हें ब्लॉक और ज़िला स्तर के माध्यम से PM गति शक्ति प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इन्हीं परियोजनाओं के क्रियान्वयन से रोज़गार सृजित होगा।
रेखा वर्मा ने बताया कि VB-G RAM JI पूरी तरह तकनीक-संचालित है। इसमें बायोमेट्रिक उपस्थिति, डिजिटल बहु-स्तरीय निगरानी, छह महीने में समीक्षा, समय पर भुगतान और देरी होने पर मुआवज़े का प्रावधान शामिल है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
फंडिंग को लेकर भ्रम पर कांग्रेस पर हमला
उन्होंने कांग्रेस पर योजना की फंडिंग को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश जैसे हिमालयी राज्यों के लिए केंद्र-राज्य फंडिंग अनुपात 90:10 रखा गया है, जबकि अन्य राज्यों में यह 60:40 है। उन्होंने कहा कि यह पहाड़ी राज्यों के प्रति केंद्र सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
₹1.5 लाख करोड़ का बजट, चार प्रमुख स्तंभ
VB-G RAM JI योजना के लिए लगभग ₹1.5 लाख करोड़ का बजट प्रस्तावित है। यह चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित है—
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ग्रामीण बुनियादी ढांचा
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जल संरक्षण
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पर्यावरण संरक्षण
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ग्रामीण आजीविका
रेखा वर्मा ने कहा कि यह योजना किसी राजनीतिक एजेंडे से नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकारें समय पर अपना वित्तीय हिस्सा नहीं देतीं, तो यह ग्रामीण विकास के प्रति उनकी उदासीनता को दर्शाएगा।
उन्होंने अंत में कहा कि बीजेपी इस योजना को हर घर तक पहुंचाने के लिए मंडल और बूथ स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगी।







