नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है, ऐसे में Varanasi पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें सशक्त बनाने के लिए एक बहुत ही सराहनीय कदम उठाया है। शहर में 'मिशन शक्ति 5.0' के तहत एक भव्य जागरूकता बाइक रैली निकाली गई, जिसका मकसद महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। इस रैली के जरिए संदेश दिया गया कि काशी की गलियों में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करें और बिना किसी झिझक के अपनी बात पुलिस तक पहुँचा सकें।
पुलिस लाइन से शुरू हुआ जागरूकता का सफर
रविवार को Varanasi पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड से इस रैली का आगाज हुआ। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने खुद मौजूद रहकर महिला पुलिसकर्मियों की इस स्कूटी रैली को हरी झंडी दिखाई। इस रैली में न केवल महिला पुलिस अधिकारी शामिल थीं, बल्कि पीआरवी 112 की गाड़ियों ने भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। Varanasi की सड़कों पर जब महिला पुलिसकर्मियों का यह काफिला निकला, तो लोगों ने इसे काफी सकारात्मक रूप में देखा। यह रैली रिजर्व पुलिस लाइन परेड ग्राउंड से शुरू होकर पुलिस लाइन, पुलिस लाइन चौराहा, कचहरी, अंबेडकर चौराहा, जे.पी. मेहता, दैत्रावीर, भोजूबीर दूधसट्टी, अर्दली बाजार होते हुए पुनः पुलिस लाइन लौटकर सम्पन्न हुई।

हेल्पलाइन नंबरों और मिशन शक्ति केंद्र की जानकारी
इस आयोजन के दौरान पुलिस आयुक्त ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात साझा की। उन्होंने बताया कि Varanasi के हर थाने में अब ‘मिशन शक्ति केंद्र’ बनाए गए हैं। इन केंद्रों की खास बात यह है कि इन्हें महिला पुलिसकर्मी ही चला रही हैं, ताकि पीड़ित महिलाएं बिना किसी डर के अपनी समस्या बता सकें। इसके साथ ही, Varanasi के नागरिकों को वीमेन पावर लाइन 1090, साइबर हेल्पलाइन 1930 और आपातकालीन सेवा 112 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस का मानना है कि जब तक हर महिला तक इन नंबरों की पहुंच नहीं होगी, तब तक सुरक्षा का घेरा पूरा नहीं होगा।

समाज में सुरक्षा और स्वावलंबन का संदेश
Varanasi पुलिस की इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में आत्म-सम्मान और स्वावलंबन की भावना पैदा करना है। अक्सर देखा जाता है कि महिलाएं अपनी शिकायत लेकर थाने जाने में हिचकिचाती हैं, लेकिन ‘मिशन शक्ति’ जैसे अभियानों से पुलिस और जनता के बीच की यह दूरी कम हो रही है। Varanasi कमिश्नरेट का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसे अभियान केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इन्हें निरंतर जारी रखा जाएगा ताकि अपराधियों के मन में डर और आम नागरिकों में विश्वास बना रहे।

Varanasi पुलिस की यह कोशिश वाकई काबिले तारीफ है। त्योहारों के समय जब भीड़भाड़ बढ़ जाती है, तब ऐसे सुरक्षा अभियान महिलाओं के मनोबल को बढ़ाते हैं। अगर हम और आप भी सजग रहें और इन हेल्पलाइन नंबरों के प्रति दूसरों को जागरूक करें, तो समाज को और सुरक्षित बनाया जा सकता है। Varanasi जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र में महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा सर्वोपरि है, और ‘मिशन शक्ति 5.0’ इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
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