150 Years Of वंदे मातरम्: पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि 'जब दुश्मन ने आतंक के जरिए भारत की सुरक्षा और सम्मान पर हमला करने का दुस्साहस किया, तो पूरी दुनिया ने देखा, नया भारत मानवता की सेवा के लिए कमला और विमला का स्वरूप है, तो आतंक के विनाश के लिए दुर्गा भी बनना जानता है।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्‘ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक वर्ष तक चलने वाले विशेष स्मरणोत्सव का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्, यह एक मंत्र, एक ऊर्जा, एक स्वप्न और एक संकल्प है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि यह शब्द मां भारती की साधना और आराधना का प्रतीक है, जो हमें हमारे गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है और वर्तमान में नया आत्मविश्वास भरता है। साथ ही यह भविष्य के लिए नए हौसले और संकल्प देता है कि कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है, और भारतवासी अपनी मेहनत और संकल्प से हर चुनौती को पार कर सकते हैं।
#WATCH | दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “वंदे मातरम्, ये एक शब्द, एक मंत्र, एक ऊर्जा, एक स्वप्न, एक संकल्प है। वंदे मातरम्, ये एक शब्द मां भारती की साधना है, मां भारती की अराधना है। वंदे मातरम्, ये एक शब्द हमें इतिहास में ले जाता है…ये हमारे भविष्य को नया हौसला देता… https://t.co/o8155tX1ir pic.twitter.com/81zapEkYae
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 7, 2025
पीएम मोदी ने कहा कि गुलामी के समय ‘वंदे मातरम्’ आज़ादी का उद्घोष बन गया था और इसने ब्रिटिश शासन के दुष्प्रचार को ध्वस्त कर दिया। इसलिए, ‘वंदे मातरम्’ न केवल आजादी का गीत बना, बल्कि ‘वंदे मातरम्’ ने करोड़ों देशवासियों के सामने स्वतंत्र भारत कैसा होगा, वह ‘सुजलाम सुफलाम’ सपना भी प्रस्तुत किया।’
#WATCH | दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “…गुलामी के उस कालखंड में वंदे मातरम् इस संकल्प का उद्घोष बन गया था और वह उद्घोष था- भारत की आज़ादी का, मां भारती के हाथों से गुलामी की बेड़िया टूटेगी और उसकी संतानें स्वयं अपने भाग्य की भाग्य विधाता बनेगी।”
(सोर्स: DD) pic.twitter.com/u3mPKAuzhc
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 7, 2025
#WATCH | दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “गुलामी के कालखंड में जिस तरह अंग्रेज भारत को नीचा और पिछड़ा बताकर अपने शासन को सही ठहराते थे, इस पहली पंक्ति ने उस दुष्प्रचार को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इसलिए, ‘वंदे मातरम्’ न केवल आज़ादी का गीत बना, बल्कि ‘वंदे मातरम्’ ने… pic.twitter.com/25CpicwP42
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 7, 2025
उन्होंने याद दिलाया कि 1927 में महात्मा गांधी ने भी कहा था कि ‘वंदे मातरम्’ पूरे भारत की अखंडता और एकता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को यह भी बताया कि बीते वर्षों में भारत ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है और दुनिया ने देखा कि नया भारत मानवता की सेवा में कमला और विमला की तरह उदार है, और जब सुरक्षा और सम्मान पर हमला होता है तो दुर्गा के रूप में आतंकवाद का विनाश करने में भी सक्षम है।
#WATCH | दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “बीते वर्षों में दुनिया ने भारत के इसी स्वरूप का उदय देखा है। हमने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरे हैं और जब दुश्मन ने आतंकवाद के माध्यम… pic.twitter.com/xkSPYqdTTv
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 7, 2025
पीएम मोदी की चेतावनी: विभाजनकारी सोच आज भी चुनौती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में ‘वंदे मातरम्’ की भावना ने पूरे राष्ट्र को रोशन किया, लेकिन 1937 में इसके कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों को अलग कर दिया गया। इस तरह ‘वंदे मातरम्’ को खंडित किया गया और इसके टुकड़े किए गए। यही विभाजन अंततः देश के विभाजन के बीज भी बने। उन्होंने बताया कि यह जानना जरूरी है कि ऐसा अन्याय क्यों हुआ, क्योंकि आज भी वही विभाजनकारी सोच देश के सामने एक चुनौती के रूप में मौजूद है।
#WATCH | दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आजादी की लड़ाई में ‘वंदे मातरम्’ की भावना ने पूरे राष्ट्र को आलोकित किया, लेकिन दुर्भाग्य से 1937 में इसकी आत्मा का एक हिस्सा, ‘वंदे मातरम्’ के महत्वपूर्ण पदों को अलग कर दिया गया। ‘वंदे मातरम्’ को खंडित किया गया, उसके… pic.twitter.com/IPo2n7MPVi
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 7, 2025







