लखनऊ, 1 नवंबर 2025: उत्तर प्रदेश को जल्द ही एक और नया जिला मिलने की संभावना है। प्रस्तावित जिले का नाम ‘कल्याण सिंह नगर’ होगा, जिसे अलीगढ़ और बुलंदशहर जिलों के कुछ हिस्सों को मिलाकर बनाया जाएगा। यह राज्य का 76वां जिला होगा। यह निर्णय पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय कल्याण सिंह की स्मृति को सम्मानित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
प्रस्ताव के अनुसार, अलीगढ़ जिले की अतरौली और गंगीरी तहसील तथा बुलंदशहर की डिबाई तहसील को मिलाकर नया जिला बनाया जाएगा। इस जिले का केंद्र अतरौली को रखा जाएगा, जो स्वर्गीय कल्याण सिंह की जन्मभूमि मढ़ौली गांव के निकट है।
कल्याण सिंह की विरासत से जुड़ा नया जिला
उत्तर प्रदेश की राजनीति में कल्याण सिंह का नाम एक सशक्त नेतृत्व और सामाजिक समरसता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। वह दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी जन्मभूमि अतरौली क्षेत्र में लंबे समय से उनके नाम पर नया जिला बनाने की मांग उठ रही थी।
यह प्रस्ताव सबसे पहले उनके पुत्र और पूर्व सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए एक औपचारिक पत्र के माध्यम से रखा था। राजू भैया ने अपने पत्र में लिखा था कि नया जिला बनाकर सरकार न केवल प्रशासनिक सुविधा बढ़ा सकती है, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री की स्मृति को भी सम्मानित कर सकती है।
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राजस्व परिषद ने जिलाधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, राजस्व परिषद ने इस प्रस्ताव पर औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। अलीगढ़ और बुलंदशहर के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रस्तावित जिले के गठन की औचित्यपूर्ण रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजें। रिपोर्ट में भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, प्रशासनिक सुविधा, संसाधन, राजस्व और परिवहन नेटवर्क जैसे पहलुओं का विश्लेषण किया जा रहा है।
राजस्व परिषद की रिपोर्ट मिलने के बाद यह प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) के समक्ष भेजा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही कल्याण सिंह नगर जिला आधिकारिक रूप से अस्तित्व में आएगा।
2026 तक अस्तित्व में आ सकता है नया जिला
राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, यदि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय में पूरी हो गईं, तो कल्याण सिंह नगर जिला 2026 तक औपचारिक रूप से अस्तित्व में आ सकता है। इस नए जिले से अलीगढ़ और बुलंदशहर दोनों जिलों पर प्रशासनिक भार कम होगा, और स्थानीय निवासियों को सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच मिलेगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता में उत्साह
अतरौली और आसपास के क्षेत्रों में इस प्रस्ताव को लेकर उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह निर्णय न केवल प्रशासनिक दृष्टि से उपयोगी होगा, बल्कि यह क्षेत्र के विकास के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा। वहीं भाजपा नेताओं ने कहा कि यह कदम स्वर्गीय कल्याण सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि है।
अतरौली निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता राकेश चौहान ने कहा, “कल्याण सिंह जी ने हमेशा गरीबों और किसानों के हित में काम किया। उनके नाम पर जिला बनना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।”
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण
विशेषज्ञों का मानना है कि नए जिले का गठन न केवल प्रशासनिक सुगमता बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देगा। अतरौली और डिबाई जैसे इलाकों में औद्योगिक और शिक्षा संस्थानों की संभावनाएं बढ़ेंगी।
रिपोर्ट - नीरज शर्मा