यूपी समेत पूरा उत्तर भारत इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। मौसम का ऐसा हाल जनजीवन और यातायात दोनों को प्रभावित कर रहा है। शीतलहर और कोहरे के चलते प्रदेश में कई ट्रेनें और फ्लाइट्स देर से चल रही हैं, तो वहीं सड़क मार्गों पर भी वाहन चलाना मुश्किल हो गया है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी कम रिकॉर्ड किया गया। आगरा में न्यूनतम तापमान 7.0°C, मथुरा में 6.0°C और मुरादाबाद में 7°C के आसपास रहने का अनुमान है। अयोध्या में शीतलहर के बीच श्रद्धालु श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन करने पहुंच रहे हैं, जबकि प्रयागराज में लोग अलाव का सहारा लेकर ठंड से बच रहे हैं। लखनऊ में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19°C और न्यूनतम तापमान 7°C रहने का पूर्वानुमान है।
उत्तर भारत में बढ़ती ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन प्रभावित किया है।
अयोध्या में कोहरे के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई, प्रयागराज में ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन बढ़ी, और दिल्ली में घने कोहरे के कारण एयरपोर्ट पर कई उड़ानों में देरी हुई।
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— PB-SHABD (@PBSHABD) January 9, 2026
सबसे ठंडे जिले
उत्तर प्रदेश के सबसे ठंडे जिलों में सोनभद्र सबसे नीचे रिकॉर्ड किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 4°C दर्ज किया गया। इसके अलावा गोरखपुर और वाराणसी में 4-5°C, बरेली और सुलतानपुर में भी 4-5°C तापमान के साथ सर्दी का प्रकोप जारी है। घना कोहरा और बर्फीली हवाओं ने दिन के तापमान को सामान्य से काफी नीचे ला दिया है, जिससे कई शहरों में ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी हुई है। इस वजह से कुछ जिलों में स्कूलों में छुट्टियां बढ़ाई गई हैं।
कोहरे का असर और विजिबिलिटी
आज सुबह और रात के समय गोरखपुर, वाराणसी, देवरिया और कुशीनगर में घना कोहरा रहने की संभावना है। लखनऊ और आसपास के जिलों में भी कोहरे के चलते विजिबिलिटी काफी कम होने के आसार हैं। इससे सड़क और रेल मार्गों पर यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने आज राज्य में शीत दिवस रहने की संभावना जताई है। साथ ही अगले 12 जनवरी तक ठंड और कोहरे का यही मिजाज रहने की संभावना है। विभाग ने जनता से आवश्यक सावधानी बरतने और सड़कों पर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्क रहने का आग्रह किया है।
उत्तर भारत में यह मौसम कृषि, परिवहन और आम जनजीवन पर असर डाल रहा है। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों और अलाव का इस्तेमाल आवश्यक है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
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