नई दिल्ली में सनसनी: UPSC अभ्यर्थी की हत्या में लिव-इन पार्टनर ही निकली गुनहगार
नई दिल्ली। देश की राजधानी एक बार फिर दिल दहला देने वाले अपराध से सन्न है। गांधी विहार इलाके में रह रहे UPSC अभ्यर्थी रामकेश मीना की मौत, जो पहले एक हादसा मानी जा रही थी, अब एक सोची-समझी हत्या साबित हुई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि रामकेश को उसकी लिव-इन पार्टनर अमृता चौहान ने अपने पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप और एक दोस्त संदीप कुमार के साथ मिलकर जिंदा जलाकर मार डाला।
घटना 6 अक्टूबर की है जब तिमारपुर पुलिस को गांधी विहार स्थित एक फ्लैट में आग लगने की सूचना मिली थी। दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई और अंदर से एक झुलसा हुआ शव बरामद किया। शव की पहचान 32 वर्षीय रामकेश मीना के रूप में हुई जो यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। प्रारंभिक जांच में यह सिलेंडर ब्लास्ट का मामला माना गया, लेकिन घटनास्थल से मिले सबूतों ने पुलिस को शक में डाल दिया।
CCTV फुटेज बना पुलिस की चाबी, ऐसे खुली साजिश की परतें
पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच शुरू की तो सबसे पहले आस-पास के CCTV फुटेज खंगाले गए। फुटेज में पुलिस ने देखा कि घटना से कुछ देर पहले दो युवक चेहरा ढंककर बिल्डिंग में दाखिल हो रहे थे। थोड़ी देर बाद एक युवक बाहर निकला, फिर एक युवती और एक अन्य युवक वहां से बाहर निकले।
फुटेज में नजर आई युवती की पहचान अमृता चौहान के रूप में हुई, जो रामकेश की लिव-इन पार्टनर थी। जैसे ही तीनों बाहर निकले, फ्लैट में जोरदार धमाका हुआ और आग लग गई। इसी फुटेज ने पुलिस को सच्चाई के बेहद करीब पहुंचा दिया। जब पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग की तो अमृता की लोकेशन गांधी विहार इलाके में ही पाई गई। सबूतों के पुख्ता होने पर पुलिस ने 18 अक्टूबर को मुरादाबाद से अमृता को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में अमृता ने हत्या की बात स्वीकार की और बताया कि उसके दो दोस्त — सुमित कश्यप और संदीप कुमार — ने उसके साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया।

वेब सीरीज़ ‘परफेक्ट मर्डर’ से मिली साजिश की प्रेरणा
पुलिस की पूछताछ में अमृता ने जो खुलासे किए, उन्होंने जांचकर्ताओं को भी चौंका दिया। उसने बताया कि उसने और सुमित ने हत्या की योजना बनाने से पहले क्राइम वेब सीरीज़ “परफेक्ट मर्डर” देखी थी, जिससे उन्हें यह आइडिया मिला कि कैसे एक हत्या को “एक्सीडेंट” की तरह दिखाया जा सकता है।
अमृता ने बताया कि वह पिछले कुछ महीनों से रामकेश के साथ लिव-इन में रह रही थी। इसी दौरान दोनों के बीच कई बार झगड़े होने लगे थे। रामकेश ने उसके कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो एक हार्ड डिस्क में सेव कर रखे थे, जिन्हें लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ गया। जब मामला बिगड़ता गया, तो अमृता ने अपने पूर्व प्रेमी सुमित को इस बारे में बताया और दोनों ने मिलकर रामकेश को रास्ते से हटाने का फैसला किया।
साजिश के तहत दोनों ने यह योजना बनाई कि हत्या के बाद फ्लैट में आग लगाकर यह दिखाया जाए कि रामकेश की मौत गैस सिलेंडर ब्लास्ट में हुई है। लेकिन तकनीकी सबूतों और पुलिस की सूझबूझ ने इस ‘परफेक्ट मर्डर’ की पोल खोल दी।
पुलिस ने ऐसे जोड़े सबूत, आरोपियों की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
दिल्ली पुलिस ने जब केस की तह में जाकर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए तो हर कड़ी जुड़ती चली गई। फॉरेंसिक जांच में भी यह सामने आया कि आग जानबूझकर लगाई गई थी, न कि किसी सिलेंडर रिसाव से। घटना स्थल से मिले ज्वलनशील पदार्थ के अंश और अमृता के मोबाइल चैट्स ने पूरी कहानी स्पष्ट कर दी।
पुलिस ने इसके बाद सुमित कश्यप और संदीप कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार की। जांच में यह भी सामने आया कि तीनों ने पहले से पेट्रोल खरीदा था और उसे फ्लैट में लाने की पूरी योजना बनाई थी। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए उन्होंने फ्लैट में आग लगाई और मौके से भाग निकले।
मामले के खुलासे के बाद पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी युवती की चालाकी और योजनाबद्ध तरीके से हत्या करने का तरीका देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।







