Prayagraj: माघ मेला से पहले सुरक्षा अभ्यास, भीड़ प्रबंधन पर राज्यस्तरीय मंथन

Share This Article

Prayagraj: उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से प्रयागराज के न्यू कैंट स्थित कोबरा ऑडिटोरियम में भीड़ प्रबंधन को लेकर दो दिवसीय राज्यस्तरीय सिम्पोजियम एवं टेबलटॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। मंगलवार को इस कार्यक्रम का समापन हुआ। आयोजन में भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ डूबना, शीतलहर और अग्नि दुर्घटना जैसी संवेदनशील आपदाओं पर मंथन किया गया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में 200 से अधिक राज्य और जनपद स्तर के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें मेला प्राधिकरण, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, भारतीय सेना, रेलवे, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, टेलिकॉम विभाग और 26 जनपदों के अपर जिलाधिकारी, पुलिस, अग्निशमन, चिकित्सा अधिकारी और आपदा विशेषज्ञ शामिल रहे।

कार्यक्रम में शामिल प्रमुख अधिकारी

इस दो दिवसीय अभ्यास में 200 से अधिक राज्य और जनपद स्तर के अधिकारी शामिल हुए। इसमें मेला प्राधिकरण, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, भारतीय सेना, रेलवे, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, टेलिकॉम विभाग और 26 जनपदों के अपर जिलाधिकारी, पुलिस, अग्निशमन, चिकित्सा अधिकारी और आपदा विशेषज्ञ मौजूद रहे।

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने समापन सत्र में कहा कि ऐसे अभ्यास आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत करते हैं और विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करते हैं। साथ ही यह कार्यक्रम नीति और जमीनी स्तर के काम के बीच समन्वय को भी मजबूती प्रदान करता है।

Prayagraj

अभ्यास का दायरा और प्रक्रिया

अभ्यास के दौरान अधिकारी और विशेषज्ञों ने धार्मिक स्थल, घाट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, मेलों, पर्यटन और सांस्कृतिक/खेल आयोजनों में होने वाली भीड़ की काल्पनिक परिस्थितियों पर तैयारी की।

  • अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों और संसाधनों का अवलोकन किया

  • त्वरित प्रतिक्रिया और संचार व्यवस्था पर चर्चा की

  • 26 जनपदों ने अपने अनुभव और बेस्ट प्रैक्टिस प्रस्तुत की

    Prayagraj

प्रमुख अनुभव और केस स्टडी

सेना और प्रशासन का समन्वय

कार्यक्रम में मेजर जनरल अमित सोहल ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से सेना और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनता है। जरूरत पड़ने पर सेना मेडिकल और क्विक रिस्पॉन्स टीम के माध्यम से मदद कर सकती है। मेजर जनरल सुनील शेवरान ने बताया कि भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है और इसके लिए चरणबद्ध योजना और सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी जरूरी है।

यह दो दिवसीय सिम्पोजियम और अभ्यास उत्तर प्रदेश में आपदा प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। अधिकारियों ने नई रणनीतियों और अनुभव साझा करके भविष्य के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की तैयारियां पूरी कीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

Are You Satisfied DD News UP

Also Read This