Up Board Exam 2026: सख्त निगरानी और नए निर्देश
उत्तर प्रदेश में लाखों छात्रों के लिए बड़ा समय आ गया है। Up Board की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही हैं और 12 मार्च तक चलेंगी। इस बार परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। नकल को रोकने और परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने साफ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिले में 60 परीक्षा केंद्रों पर करीब 42 हजार से अधिक छात्र परीक्षा देंगे। ऐसे में व्यवस्था को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है। खास बात यह है कि इस बार कॉपी में रुपये मिलने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने परीक्षाओं को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। नकल माफिया पर शिकंजा कसते हुए संगठित गिरोह की संलिप्तता मिलने पर एनएसए के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। दूरदर्शन से बात करते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा नें परीक्षा केंद्रों की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई और केंद्र व्यवस्थापकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में गिरोह की भूमिका सामने आने पर प्राथमिकी दर्ज कर कठोर धाराओं में मुकदमा चलाया जाएगा।
संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) आर एन विश्वकर्मा ने बताया कि सभी परीक्षाएं सीसीटीवी निगरानी में होंगी और नियमों के उल्लंघन पर विधिक कार्रवाई होगी।
मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी, प्रयागराज ने कहा कि कड़े स्पष्ट शब्दों में बताया गया कि अगर नकल होता है तो सब से पहले विद्यालय के प्रबंधन की जवाबदेही होगी, अगर कोई नकल माफिया सक्रिय दिखता है को उसके खिलाफ भी शख्त कार्यवाई की जायेगी, जरुरत पड़ने पर NSA भी लगेगा।


परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी
इस बार Up Board Exam 2026 को शांतिपूर्ण और नकलविहीन बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारी की गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक को विस्तृत गाइडलाइंस भेजी गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, कक्ष निरीक्षकों की विशेष ब्रीफिंग और केंद्र व्यवस्थापकों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों को पहले ही स्पष्ट कर दिया जाए कि नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
कॉपी में रुपये रखने पर सख्ती
बीते वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए, जब छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं में रुपये रख दिए। यह सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। इस बार Up Board गाइडलाइंस में साफ लिखा गया है कि यदि मूल्यांकन के दौरान कॉपी में रुपये मिलते हैं, तो उसे नकल की श्रेणी में माना जाएगा।
इतना ही नहीं, उस पैसे को राजकोष में जमा कराया जाएगा और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को देनी होगी। यानी अब ऐसी कोशिश करने वाले छात्रों के लिए जोखिम बढ़ गया है।

कक्ष निरीक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ी
परीक्षा के दौरान सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों की भी जिम्मेदारी तय की गई है। यदि किसी छात्र की कॉपी में रुपये पाए जाते हैं और जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित Up Board कक्ष निरीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
कक्ष निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा के दौरान ही कॉपी की प्राथमिक जांच कर लें। छात्रों को भी बार-बार समझाया जाए कि वे किसी भी प्रकार का अनुचित साधन इस्तेमाल न करें।

नकल रोकथाम के लिए अतिरिक्त कदम
Up Board नकल रोकथाम के तहत कई नए कदम उठाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर उड़न दस्ते की निगरानी रहेगी। केंद्र व्यवस्थापक को यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा कक्ष में अनुशासन बना रहे।
छात्रों को प्रवेश से पहले सख्ती से चेक किया जाएगा। मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या किसी भी प्रकार की संदिग्ध सामग्री लाने पर रोक है। प्रशासन का कहना है कि साफ-सुथरी परीक्षा ही छात्रों के भविष्य के लिए सही रास्ता है।
यह भी पढ़ें: PMO New Office 2026: सेवा तीर्थ से नई मजबूत प्रशासनिक शुरुआत
जिले में परीक्षा की तैयारियां
इस बार जिले के 60 Up Board परीक्षा केंद्र पूरी तरह तैयार हैं। परीक्षाओं में दसवीं और बारहवीं मिलाकर 42 हजार से अधिक छात्र शामिल होंगे। परीक्षा की तारीख 18 फरवरी से 12 मार्च तक तय है। अधिकारियों के अनुसार, सभी केंद्रों पर पेयजल, शौचालय और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा चुकी है। कोशिश है कि छात्रों को किसी तरह की असुविधा न हो।

मूल्यांकन प्रक्रिया पर भी नजर
परीक्षा के बाद कॉपियों का मूल्यांकन भी पारदर्शी तरीके से होगा। Up Board मूल्यांकन प्रक्रिया में इस बार विशेष निगरानी रखी जाएगी। यदि किसी कॉपी में रुपये या अन्य सामग्री मिलती है, तो तुरंत रिपोर्ट बनाई जाएगी। साथ ही संबंधित छात्र के खिलाफ परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह साफ संदेश है कि अब छोटी-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए सलाह
परीक्षा का समय तनाव का होता है, लेकिन नियमों का पालन करना सबसे जरूरी है। छात्रों को चाहिए कि वे सिर्फ अपनी मेहनत पर भरोसा करें। किसी भी तरह की शॉर्टकट सोच आगे चलकर नुकसान ही देती है।अभिभावकों को भी चाहिए कि वे बच्चों को नियमों के बारे में समझाएं और मानसिक रूप से सहयोग दें। परीक्षा में ईमानदारी से बैठना ही सबसे सही रास्ता है। इस बार Up Board ने साफ कर दिया है कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी स्वीकार नहीं होगी। कॉपी में रुपये रखने जैसी हरकतों को नकल माना जाएगा और सख्त कार्रवाई होगी। छात्रों के लिए यही बेहतर है कि वे पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दें और नियमों का पालन करें। ईमानदारी से दी गई परीक्षा ही आगे के भविष्य की मजबूत नींव बनाती है।
यह भी पढ़ें: Lucknow Road Accident: तेज रफ्तार कार का कहर, एक मासूम की मौत
