लखनऊ: उत्तर प्रदेश को 61 साल बाद ऐतिहासिक अवसर मिला है। भारत स्काउट्स और गाइड्स का 19वां राष्ट्रीय जम्बूरी राजधानी लखनऊ में 23 से 29 नवंबर तक आयोजित होगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश-विदेश से 35 हज़ार से अधिक स्काउट्स और गाइड्स भाग लेंगे, जिससे यह कार्यक्रम न केवल स्काउटिंग की परंपरा को नई ऊँचाई पर ले जाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत, स्वच्छ भारत और हरित विकास जैसे संदेश भी दुनिया तक पहुंचाएगा।
लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय जम्बूरी के लिए टेंट सिटी का भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर शुभंकर और लोगो का भी लॉन्च किया गया। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्य मंत्री संदीप सिंह, गुलाब देवी और विधायक डॉ. महेंद्र सिंह भी मौजूद थे।
टेंट सिटी लगभग 100 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है और इसे 15 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में स्वास्थ्य, भोजन, मनोरंजन और सुरक्षा की आधुनिक व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल स्काउटिंग गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास करना भी है।
जम्बूरी में शामिल स्काउट्स और गाइड्स विभिन्न कार्यशालाओं, खेल-कूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और तकनीकी गतिविधियों में भाग लेंगे। यह आयोजन उनके कौशल और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का भी माध्यम बनेगा। आयोजन स्थल पर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को ध्यान में रखते हुए आधुनिक उपाय किए गए हैं, जिससे यह कार्यक्रम स्थायी और पर्यावरण अनुकूल साबित हो।
इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि राष्ट्रीय जम्बूरी उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और यह आयोजन युवाओं को प्रेरित करेगा। उन्होंने स्काउट्स और गाइड्स से अपील की कि वे अपने अनुभव और शिक्षा का सही उपयोग करें और समाज के विकास में योगदान दें।
राज्य मंत्री संदीप सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी कार्यक्रम की विशेषताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह जम्बूरी लखनऊ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के साथ ही राज्य में पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगा।
19वां राष्ट्रीय स्काउट जम्बूरी लखनऊ में आयोजित होने वाला है, जिसमें युवा पीढ़ी को अनुशासन, टीम वर्क और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों से रूबरू कराया जाएगा। यह आयोजन न केवल स्काउटिंग परंपरा को जीवित रखेगा, बल्कि भारत के युवा समाज में सकारात्मक बदलाव और जागरूकता का संदेश भी फैलाएगा।







