सरकार आधार वेरिफिकेशन प्रक्रिया को पेपरलेस बनाने जा रही है, जिससे Aadhaar की फोटोकॉपी रखना जल्द ही बंद हो जाएगा। इसके लिए UIDAI ने क्या नया सिस्टम बनाया है। देशभर में आधार की फोटोकॉपी रखने की पुरानी प्रथा अब खत्म होने जा रही है क्योंकि सरकार जल्द ही ऐसा नियम लागू करने जा रही है जिसके बाद होटल, इवेंट आयोजक, सैलून और ऑफिस एंट्री तक हर जगह पेपरलेस पहचान को अनिवार्य करने का फैसला किया है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI के नए सिस्टम के तहत अब कोई भी संस्था आधार की फोटोकॉपी नहीं मांग सकेगी क्योंकि अब पहचान सिर्फ QR स्कैन या नए UIDAI ऐप के जरिए होगी जिसके जरिए मिनटों में वेरिफिकेशन हो जाएगा और डेटा लीक का खतरा भी लगभग खत्म होगा! क्या है नया सिस्टम और कैसे बदलेगा पूरा प्रोसेस आईए जानते हैं।
Aadhaar वेरिफिकेशन का नया पेपरलेस नियम – जल्द लागू
– होटल, इवेंट और सैलून में अब आधार की फोटोकॉपी लेना पूरी तरह बंद होगा
– (वहीं) पहचान की पुष्टि के लिए QR स्कैन या ऐप-आधारित वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाएगा
– (जिसके तहत) सभी संस्थाओं को UIDAI के नए वेरिफिकेशन सिस्टम में अनिवार्य रूप से रजिस्टर होना होगा
– नया UIDAI ऐप बिना सेंट्रल सर्वर के भी पहचान वेरिफाई करने में सक्षम होगा
– (वहीं) सर्वर डाउन की समस्या खत्म होगी और तुरंत पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी
– (साथ ही) आधार की पेपर कॉपी रखना अब आधार एक्ट का उल्लंघन माना जाएगा और इस पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा
– (वहीं) QR स्कैन में केवल नाम और फोटो जैसी बेसिक जानकारी ही दिखाई देगी
– डेटा लीक रोकने के लिए पूरी वेरिफिकेशन प्रक्रिया डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के नियमों के अनुरूप बनाई गई है
– ऐप में एड्रेस अपडेट करने और परिवार के सदस्यों को लिंक करने जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी
– यह सिस्टम एयरपोर्ट, दुकानों और अन्य पब्लिक प्लेसेज़ पर भी लागू किया जाएगा
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सरकार का ये कदम सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि डेटा सुरक्षा की दिशा में सबसे निर्णायक कदम माना जा रहा है जहां एक ओर फोटोकॉपी के बहाने होने वाली डेटा चोरी पर रोक लगेगी, वहीं दूसरी तरफ लोगों के लिए वेरिफिकेशन और भी आसान, तेज़ और सुरक्षित हो जाएगा। UIDAI का कहना है, अब आधार सिर्फ पहचान का नहीं, बल्कि सुरक्षित डिजिटल भविष्य का हिस्सा बनेगा।







