दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर कुशीनगर पहुंचीं थाईलैंड की रानी चखुन फ्रा सुनीनाथा बिलासकल्याणी गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अपने 70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचीं। रानी ने भगवान बुद्ध की लेटी हुई प्रतिमा पर चीवर अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की और विश्व शांति की प्रार्थना की।
रानी प्रातः लगभग 07:30 बजे थाई मोनेस्ट्री से रवाना होकर सीधे महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचीं। मंदिर परिसर में 07:40 बजे से विशेष पूजा और चीवर दान का कार्यक्रम संपन्न हुआ। पूजा-अर्चना के बाद रानी 08:11 बजे मंदिर परिसर से बाहर निकलीं।
महापरिनिर्वाण मंदिर के बाद रानी अपने दल के साथ रामभार स्तूप पहुंचीं। यहां एसडीएम कसया डॉ. संतराज सिंह बघेल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान तहसीलदार कसया धर्मवीर सिंह सहित राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। रानी ने रामभार स्तूप परिसर में आधे घंटे से अधिक समय बिताया। पूजा कार्यक्रम का संचालन बौद्ध भिक्षु फ्रा सोमदेज ने किया।
उल्लेखनीय है कि थाईलैंड की रानी बुधवार को 70 सदस्यीय दल के साथ सड़क मार्ग से सारनाथ से कुशीनगर पहुंचीं थीं। उनके आगमन से पूर्व थाईलैंड के पूर्व उप प्रधानमंत्री बोरवॉर्नसाक युवान्नो भी दो दिवसीय दौरे पर कुशीनगर पहुंचे थे और स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए।
देर शाम कुशीनगर विधायक पीएन पाठक ने थाई मोनास्ट्री पहुंचकर रानी को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया। अपने दौरे के दौरान रानी थाई क्लिनिक का भी भ्रमण करेंगी।
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