हिस्ट्रीशीटर Deepak Sonkar ने की ताबड़तोड़ फायरिंग, एक भाई की मौत और दूसरा अस्पताल में भर्ती
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से एक दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ आपसी रंजिश में एक परिवार पर जानलेवा हमला किया गया। कोतवाली देहात इलाके के जनऊपुर गांव में गुरुवार को हुए इस खूनी खेल ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि दबंगों ने एक होमगार्ड के परिवार पर गोलियों की बौछार कर दी। इस घटना में एक युवक की जान चली गई है, जबकि उसका भाई गंभीर हालत में अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी और इलाके के कुख्यात अपराधी Deepak Sonkar को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग करने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।

शाम को परिवार पर खूनी तांडव
घटना की जड़ें गुरुवार सुबह से जुड़ी हैं। जानकारी के अनुसार, होमगार्ड वीरेंद्र प्रताप सोनकर के बेटे मोहित का गांव के ही रमेश सोनकर के परिवार से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। सुबह तो मामला जैसे-तैसे शांत हो गया, लेकिन रमेश के मन में रंजिश बाकी थी। शाम होते ही रमेश अपने बेटों, घर की महिलाओं और अवैध हथियारों के साथ वीरेंद्र के घर पर हमला करने पहुंच गया।
घर के भीतर मौजूद मां शारदा ने अनहोनी की आशंका देखते हुए अपने बेटों को कमरे में बंद कर दिया था ताकि विवाद न बढ़े। लेकिन हमलावरों ने घर की बहू के साथ मारपीट शुरू कर दी। अपनी भाभी की चीखें सुनकर मोहित और उसका भाई मंगल खुद को रोक नहीं पाए और बचाव के लिए बाहर निकल आए। जैसे ही दोनों भाई कमरे से बाहर निकले, मुख्य आरोपी Deepak Sonkar और उसके साथियों ने उन पर ताबड़तोड़ पांच राउंड फायरिंग कर दी। इस हमले में मोहित सोनकर की मौके पर ही मौत हो गई।

दीपक सोनकर का क्रिमिनल रिकॉर्ड
पुलिस की जांच में यह बात साफ हुई है कि इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी दीपक सोनकर कोई नया अपराधी नहीं है। अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह ने मीडिया को बताया कि दीपक थाना लम्भुआ का एक लिस्टेड हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ पहले से ही हत्या के प्रयास, लूट और अवैध हथियारों जैसे करीब 10 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। गांव में उसकी पहचान एक दबंग के रूप में थी, जिससे लोग अक्सर डरते थे।

जब पुलिस ने शुक्रवार रात को आरोपी को पकड़ने के लिए ‘धोपाप’ इलाके के पास घेराबंदी की, तो उसने भागने की कोशिश की। पूछताछ में उसने बताया था कि उसने हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल एक खेत में झोपड़ी के पीछे छिपाई है। बरामदगी के दौरान उसने चालाकी दिखाते हुए पुलिस टीम पर ही गोली चला दी। जवाबी फायरिंग में दीपक सोनकर के पैर में गोली लगी और उसे दबोच लिया गया।
गांजा तस्करी के आरोप
मृतक मोहित के माता-पिता ने इस हमले के पीछे एक बड़ा कारण गांव में फैला नशे का कारोबार बताया है। पीड़ित पिता वीरेंद्र प्रताप का आरोप है कि आरोपी रमेश का बेटा भोलू गांव में बड़े पैमाने पर गांजा बेचने का काम करता है। वीरेंद्र के परिवार ने जब भी इसकी मुखालफत की या उनकी दबंगई के खिलाफ आवाज उठाई, उन्हें डराया-धमकाया गया।
मां शारदा का कहना है कि आरोपी पक्ष अपनी दबंगई के दम पर पूरे गांव में खौफ पैदा करना चाहता था। इस हमले में केवल दोनों भाई ही शिकार नहीं हुए, बल्कि बीच-बचाव करने आए पिता वीरेंद्र, मां शारदा और परिवार के तीन अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। गांव वालों का भी कहना है कि Deepak Sonkar जैसे अपराधियों के हौसले बुलंद होने की वजह से ही आज एक निर्दोष की जान चली गई है।
इस घटना ने एक बार फिर गांवों में पनप रही छोटी-छोटी रंजिशों और अवैध हथियारों के बढ़ते चलन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामूली विवाद जब खूनी संघर्ष में बदल जाता है, तो उसका खामियाजा पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। सुल्तानपुर की यह घटना इस बात की गवाह है कि कैसे एक हिस्ट्रीशीटर ने अपनी पुरानी खुन्नस निकालने के लिए एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
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