सुकमा में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, तीन ढेर
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एक बार फिर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है, जिसमें तीन नक्सली मारे गए हैं। यह मुठभेड़ सुकमा के भेज्जी और चिंतागुफा थाना क्षेत्रों के बीच घने जंगलों में हुई, जहां सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की। इस ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों के पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं, और पूरे इलाके में मुठभेड़ अभी भी जारी है।
सुकमा एसपी किरण चव्हाण के अनुसार, सुरक्षा बलों की डीआरजी (जिला रिजर्व गार्ड) की टीम सुबह-सुबह भेज्जी और चिंतागुफा इलाके में गश्त कर रही थी, तभी नक्सलियों से मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षा बलों को जानकारी मिली थी कि इस इलाके में माओवादियों की मौजूदगी है, जिसके बाद नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया गया था। मुठभेड़ के दौरान तीन नक्सलियों को मार गिराया गया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
एसपी ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान दोनों पक्षों से रुक-रुककर गोलीबारी की जा रही थी। सुरक्षा बलों ने नक्सलियों को घेरने की कोशिश की है और ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है ताकि नक्सलियों के सभी भागने के रास्ते बंद किए जा सकें। इस मुठभेड़ में नक्सलियों से हथियार और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है।
सुकमा जिले में सुरक्षाबलों के द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान की यह सफलता महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इलाके में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं। सुरक्षाबल क्षेत्र में तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं, ताकि नक्सलियों के ठिकानों को नष्ट किया जा सके और इलाके को उनके प्रभाव से मुक्त किया जा सके।
सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि ऑपरेशन की निगरानी लगातार की जा रही है और सभी जवान सुरक्षित हैं। अतिरिक्त बलों को भी मौके पर भेजा गया है ताकि अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।
बीजापुर में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
यह मुठभेड़ सुकमा में सुरक्षा बलों की सफलता का एक और उदाहरण है। इससे कुछ दिन पहले बीजापुर जिले में भी सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई की थी। बीजापुर जिले के राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने छह नक्सलियों को मार गिराया था और उनके कब्जे से हथियार तथा विस्फोटक बरामद किए गए थे। इस ऑपरेशन में बीजापुर, दंतेवाड़ा और एसटीएफ के जवान शामिल थे।
छत्तीसगढ़ में इस साल अब तक 262 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 233 नक्सली बस्तर संभाग में मारे गए हैं, जिसमें सुकमा समेत सात जिले शामिल हैं। इन अभियानों से यह साबित होता है कि नक्सल विरोधी अभियान तेजी से चल रहा है और सुरक्षाबल नक्सलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं।
‘ऑपरेशन संकल्प’ और नक्सल विरोधी संघर्ष
सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए जा रहे अभियानों में ‘ऑपरेशन संकल्प’ का नाम प्रमुख है। इस ऑपरेशन के तहत छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर कई बड़ी मुठभेड़ें हो चुकी हैं। इस ऑपरेशन का उद्देश्य नक्सलियों के ठिकानों को नष्ट करना और उनकी गतिविधियों को पूरी तरह से समाप्त करना है। इसमें लगभग 24,000 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं, जो क्षेत्र में व्यापक अभियान चला रहे हैं।
ऑपरेशन संकल्प के तहत 22 से अधिक नक्सलियों को मारा गया और कई महत्वपूर्ण नक्सली कमांडरों का सफाया किया गया। इस अभियान में ड्रोन और अन्य उन्नत तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी तुरंत मिल सके और कार्रवाई तेज की जा सके।
स्थानीय लोगों का साथ
छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षाबल लगातार स्थानीय लोगों से संपर्क बनाए हुए हैं। ग्रामीण लोगों के सहयोग से नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने में मदद मिल रही है। कई बार सुरक्षाबलों को स्थानीय लोगों से सूचनाएं मिलती हैं, जो नक्सलियों की गतिविधियों का पर्दाफाश करती हैं। यह सहयोग सुरक्षाबलों के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन गया है, क्योंकि इससे नक्सलियों के खिलाफ रणनीतिक सफलता मिल रही है।
नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान
सुरक्षाबल नक्सलियों के खिलाफ एक निरंतर अभियान चला रहे हैं, जो इलाके के लिए खतरा बन चुके हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं और सुरक्षा बलों को पूरी ताकत से इस अभियान को चलाने के लिए समर्थन दिया है। राज्य में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आ रही है, और उम्मीद की जा रही है कि इस तरह के अभियानों से राज्य में शांति की स्थापना हो सकेगी।








