सोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर कश्यप समाज का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मेरठ कमिश्नरी पर महापंचायत के दौरान प्रदर्शन हुआ, जबकि मुजफ्फरनगर में दिल्ली–देहरादून हाईवे जाम कर न्याय की मांग की गई।
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के ज्वालागढ़ गांव में हुए सोनू कश्यप हत्याकांड ने अब पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। इस हत्याकांड को लेकर कश्यप समाज में गहरी नाराज़गी है, जो अब सड़कों पर साफ दिखाई देने लगी है। शुक्रवार को इसी आक्रोश के चलते मेरठ में कश्यप समाज ने कमिश्नरी पर विशाल महापंचायत का आयोजन किया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
महापंचायत में उमड़ा जनसैलाब, न्याय की एकजुट मांग
महापंचायत में पहुंचे लोगों का कहना था कि सोनू कश्यप की हत्या को काफी समय बीत चुका है, लेकिन अब तक सभी दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई आधी-अधूरी है और कुछ आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है। इसी के विरोध में समाज के लोग एकजुट होकर कमिश्नरी पहुंचे और साफ शब्दों में कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की हत्या का नहीं है, बल्कि पूरे समाज के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा है। उन्होंने मांग की कि मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराई जाए, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, RAF की तैनाती
महापंचायत को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। कमिश्नरी चौराहे और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) को भी मौके पर तैनात किया गया। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी।
प्रशासन का कहना था कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों की संख्या और उनके तेवरों को देखते हुए माहौल काफी तनावपूर्ण बना रहा।
“अब और इंतजार नहीं करेंगे” – कश्यप समाज
महापंचायत में शामिल लोगों ने दो टूक कहा कि अब वे सिर्फ आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। समाज के नेताओं का कहना था कि अगर जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो प्रदेशव्यापी आंदोलन भी किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके कारण उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मुजफ्फरनगर में भी फूटा गुस्सा, दिल्ली–देहरादून हाईवे जाम
सोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर आक्रोश सिर्फ मेरठ तक सीमित नहीं रहा। मुजफ्फरनगर में भी कश्यप समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। कश्यप एकता क्रांति मिशन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई से असंतोष जताते हुए दिल्ली–देहरादून हाईवे पर धरना देकर जाम लगा दिया।
हाईवे जाम के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लग गया और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेता, तब तक वे सड़क से हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा कि हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा ही उनके आंदोलन की मुख्य मांग है।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि सबूत होने के बावजूद कुछ आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे समाज में यह संदेश जा रहा है कि आम लोगों को न्याय पाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ता है।
हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के अनुसार, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही स्थिति साफ हो जाएगी।
मेरठ में महापंचायत और मुजफ्फरनगर में हाईवे जाम के बाद प्रशासन पर दबाव काफी बढ़ गया है। एक तरफ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ समाज की न्याय की मांग। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते ठोस और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।







