उत्तर प्रदेश के Sonbhadra जिले में गरीब परिवारों की बेटियों के हाथ पीले करने का जिम्मा एक बार फिर सरकार ने बखूबी निभाया। गुरुवार का दिन Sonbhadra के चोपन ब्लॉक के लिए खुशियों भरा रहा, जहां रेलवे मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि यहाँ धर्म की दीवारें नहीं दिखीं; एक ही पंडाल के नीचे 322 हिंदू जोड़ों ने सात फेरे लिए, तो वहीं 2 मुस्लिम जोड़ों का निकाह भी पूरे अदब के साथ मुकम्मल हुआ। प्रशासन की इस पहल ने Sonbhadra के सैकड़ों परिवारों की आर्थिक चिंता को दूर कर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी।

सामूहिक विवाह योजना का आयोजन
Sonbhadra के चोपन में आयोजित इस समारोह में कुल 324 जोड़ों ने नई जिंदगी की शुरुआत की। विकास खंडवार आंकड़ों पर गौर करें तो चोपन से 77, कोन से 65, दुद्धी से 68, म्योरपुर से 59 और बभनी से 55 जोड़े शामिल हुए। हालांकि, शासन ने Sonbhadra के इस कार्यक्रम के लिए कुल 349 जोड़ों का लक्ष्य रखा था, लेकिन कुछ लोग किन्हीं निजी कारणों से समारोह स्थल तक नहीं पहुंच सके। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में हुई इन शादियों ने कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बना दिया।

नवदंपतियों को मिला आशीर्वाद और आर्थिक मदद
इस खास मौके पर समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गोंड़ और जिलाधिकारी बीएन सिंह सहित कई बड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। Sonbhadra के इन अधिकारियों ने न सिर्फ जोड़ों को आशीर्वाद दिया, बल्कि शासन की मंशा के अनुरूप उन्हें जरूरी सहायता भी प्रदान की। योजना के तहत हर जोड़े पर कुल 1 लाख रुपये का बजट रखा गया है, जिसमें से 60,000 रुपये सीधे कन्या के बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजे गए। इसके अलावा, 25,000 रुपये की घरेलू सामग्री जैसे कपड़े, बर्तन, चादर, पायल और बिछिया भी उपहार में दी गई।

सामाजिक जागरूकता और समरसता का संदेश
शादी के इस पंडाल से Sonbhadra की जनता को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के प्रति जागरूक भी किया गया। राज्यमंत्री संजीव गोंड़ ने कहा कि यह योजना केवल शादी कराने का जरिया नहीं है, बल्कि समाज में समानता और भाईचारा बढ़ाने का एक बड़ा माध्यम है। जब उनसे पिछले दिनों डायट परिसर में कुछ शादियां न होने पर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि Sonbhadra में अक्सर दस्तावेजों की कमी या त्रुटि की वजह से कुछ शादियां रुक जाती हैं, जिन्हें सुधार के बाद पूरा किया जाता है।
Sonbhadra के चोपन में हुआ यह आयोजन इस बात का सबूत है कि सही सरकारी योजनाओं से जरूरतमंदों को बड़ा सहारा मिल सकता है। सामूहिक विवाह न केवल फिजूलखर्ची रोकता है, बल्कि समाज में एकता का भाव भी पैदा करता है।
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