उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा खनन क्षेत्र में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। पत्थर की खदान में अचानक ऊपर से भारी मलबा गिरने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 12 से 15 मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं और राहत कार्य तेज़ी से जारी है।
घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जो मजदूर उस वक्त काम कर रहे थे, वे अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। आसपास खड़े लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ शासन के बड़े अधिकारी घटनास्थल की ओर रवाना हुए। समाजकल्याण राज्यमंत्री संजीव गोंड़, एडीजी पीयूष मोर्डिया और कमिश्नर राजेश प्रकाश ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायज़ा लिया और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
राज्यमंत्री संजीव गोंड़ ने हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है, जिसमें निर्दोष मजदूरों की जान चली गई। उन्होंने बताया कि प्रशासन पूरी तैयरी से राहत और बचाव कार्य में जुटा है। लगभग 12 से 15 मजदूरों के दबे होने की आशंका है और सभी को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर प्रकार की आर्थिक और सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया।
NDRF और SDRF की टीम जुटी राहत कार्य में
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) और SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमों को बुलाया। दोनों टीमों ने बचाव कार्य को शुरू कर दिया है। बड़े-बड़े पत्थरों और भारी मलबे को हटाने के लिए मशीनों का सहारा लिया जा रहा है। मौके पर मौजूद अधिकारी लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।
राहत कार्य में सबसे बड़ी चुनौती गहराई में फंसे मजदूरों तक पहुंचने की है। खदान का क्षेत्र कठिन और असंतुलित होने की वजह से मशीनों को संचालित करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। इसके बावजूद प्रशासन, पुलिस और बचाव कर्मी मिलकर जी-जान से प्रयास कर रहे हैं।
जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की है। उन्होंने कहा, “हमारी पूरी टीम बचाव कार्य में लगी हुई है। हादसे के कारणों की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
मुख्य सचिव कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस हादसे को लेकर जिला प्रशासन से पूर्ण रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देश दिया है कि राहत-बचाव कार्य में किसी भी तरह की देरी न हो और घायलों का तुरंत इलाज कराया जाए।
प्रदेश सरकार ने हादसे में मारे गए मजदूरों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने और घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने का ऐलान किया है।
हादसे की खबर जब गांवों तक पहुंची तो मजदूरों के परिवारों में मातम छा गया। खदान में काम करने वाले कई लोग अपने परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन घटना के बाद नेटवर्क और पहुंच की समस्या के कारण मुश्किलें बढ़ गई हैं। घटनास्थल पर ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जुट गई, जिन्हें पुलिस लगातार नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है ताकि बचाव कार्य में बाधा न आए।
इस हादसे ने एक बार फिर खनन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोनभद्र ज़िला खनिज संपदा के लिए जाना जाता है, लेकिन यहाँ अकसर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की खबरें आती रहती हैं। खदानों में अक्सर मजदूर बिना हेलमेट और अन्य सेफ्टी गियर के काम करते दिखाई देते हैं।
रिपोर्ट – सुनील तिवारी
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